*जशपुर को मिलेगा अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र, वनवासी कल्याण आश्रम में…- भारत संपर्क

जशपुरनगर। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने जा रहा है एक ऐतिहासिक कदम। स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय, जो वर्षों से गरीब और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित है, अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसे एनटीपीसी लारा द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड के तहत वहन किया जाएगा।इस परियोजना का शिलान्यास समारोह 7 अप्रैल 2025 को प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। साथ ही, कार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सतेंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, सेवांकुर प्रमुख डॉ ज्ञानेश गव्हाणकर, डॉ पूर्णेंदु सक्सेना और सेवांकुर के अन्य वरिष्ठ सदस्यगण भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
वनवासी कल्याण आश्रम का चिकित्सा आयाम – सेवा की परंपरा का प्रतीक
राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट जी ने बताया कि कल्याण आश्रम चिकित्सा आयाम 1964 से चल रहा है। जिसके तहत वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा संचालित यह धर्मार्थ चिकित्सालय वर्ष 1974 से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सतत कार्य कर रहा है। यह अस्पताल क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों और आर्थिक रूप से पिछड़े नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र रहा है। यहां प्रतिदिन 150 से 200 मरीज ओपीडी में परामर्श लेने पहुंचते हैं।अस्पताल में पहले से ही नेत्र चिकित्सा, मोतियाबिंद ऑपरेशन, फिजियोथेरपी, ईसीजी, पैथोलॉजी जैसी अन्य सुविधाएं पहले उपलब्ध हैं। विशेष चिकित्सा शिविरों के आयोजन के माध्यम से भी लोगों को विभिन्न रोगों की जांच एवं इलाज की सुविधा दी जाती है।
आधुनिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम
अस्पताल के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण की मांग लम्बे समय से की जा रही थी। इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ जिले के लारा स्थित एनटीपीसी प्रबंधन से संपर्क किया और उनके सहयोग से इस बड़ी परियोजना को मूर्त रूप दिया गया। एनटीपीसी द्वारा स्वीकृत 35.53 करोड़ रुपये की राशि से अस्पताल का नया भवन बनाया जाएगा और अत्याधुनिक चिकित्सीय उपकरणों की खरीद की जाएगी।कल्याण आश्रम अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी जनसेवामूलक सोच है। यहाँ मात्र 10 रुपये में ओपीडी सेवा उपलब्ध कराई जाती है। आवश्यक दवाएं निःशुल्क दी जाती हैं, तथा जाँच शुल्क अन्य निजी संस्थानों की तुलना में बहुत ही कम रखे गए हैं ताकि समाज के हर वर्ग को समुचित इलाज मिल सके।
स्थानीय जनता को मिलेगा सीधा लाभ
इस अस्पताल के उन्नयन से जशपुर शहर के साथ-साथ आसपास के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को आधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह अस्पताल न केवल स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा, बल्कि यह आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं मानव सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगा।वनवासी कल्याण आश्रम की वर्षों की तपस्या और सेवा भावना को इस प्रोजेक्ट से नई दिशा मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय के इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार आदिवासी क्षेत्रों के चहुँमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।