कालरात्रि पर रतनपुर जाने वाले पदयात्रियों को ध्यान में रखकर…- भारत संपर्क

हर वर्ष चैत्र और शारदीय नवरात्रि की कालरात्रि पर श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए रतनपुर महामाया मंदिर जाते हैं। शेरावाली का जयकारा लगाते हुए बिलासपुर से रतनपुर की दूरी भक्त पूरी रात चलते हुए तय करते हैं। उन्हें कोई असुविधा न हो और सड़क हादसे न हो इसे देखते हुए पुलिस हर साल कालरात्रि यानी सप्तमी की रात को बिलासपुर रतनपुर मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाती है। हर साल की तरह इस बार भी यातायात पुलिस ने इसकी सूची जारी की है।
प्रति वर्षा लनुसार नवरात्रि पर्व के अवसर पर दिनांक 9, अक्टूबर को सप्तमी तिथि के अवसर पर भक्तों का जन शैलाब मां महामाया धाम रतनपुर के लिए पदयात्रा स्वरूप निकलेगा। महामाया मां के दर्शनार्थ रतनपुर के चारों दिशाओं से बड़ी संख्या में स्त्री पुरुष बच्चे बड़े बूढ़े सभी शाम को निकलेंगे, देर रात तक पद यात्रियों का जत्था सड़कों पर होगा ।सुरक्षा की दृष्टि से रतनपुर की ओर आने वाले भारी वाहनो को पदयात्रा के दौरान प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में यातायात बिलासपुर के प्रभारी एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने बताया कि पद पदयात्रा को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से रतनपुर के लिए कोरबा की ओर से आने वाले वाहनों को ग्राम जाली तथा रायपुर दिशा की ओर से रतनपुर आने वाले भारी वाहनों को सेंदरी बाईपास के पास से , इसी प्रकार बेलगहना मार्ग में पाली मोड़ के पास से तथा मोपाका से आगे प्रवेश वर्जित होगा । ऐसे सभी प्रकार के भारी वाहनों का बुधवार शाम 4:00 बजे से दिनांक 10, 10, 24 के प्रातः 9:00 बजे तक रतनपुर मार्ग में प्रवेश वर्जित होगा। श्री चंद्राकर ने यह भी बताया कि इस मार्ग में शाम से ही बड़ी संख्या में सभी प्रमुख स्थानों पर यातायात के जवान तैनात रहेंगे । पुलिस की टीम दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों से लगातार व्यवस्था बनाए रखने पेट्रोलिंग करते रहेगी, साथ ही पद यात्रियों से अपील की गई है कि वे सड़क के एक किनारे चले तथा दो पहिया वाहनों में तीन सवारी ना चले। पदयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार से गड़बड़ी फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
रात भर खुले रहेंगे मंदिर के पट
शारदीय नवरात्र कालरात्रि पर पूरी रात दर्शन के लिए मंदिर के पट खुले रहेंगे। इधर पदयात्रा कर रतनपुर पहुंचे पद यात्रियों की वापसी के लिए 50 बसों की व्यवस्था की गई है, जिनके माध्यम से पद यात्रियों को निशुल्क बिलासपुर पहुंचाया जाएगा। अष्टमी हवन शुक्रवार दिनांक 11 अक्टूबर को सुबह सूर्योदय के समय किया जाएगा। दोपहर 1:00 बजे पूर्ण आहुति दी जाएगी। 12 अक्टूबर शनिवार को माता का राजसी श्रृंगार कर 56 भोग अर्पित करते हुए कन्या भोज, ब्रह्म भोज, ज्योति कलश विसर्जन का आयोजन होगा।