हेयर स्ट्रेटनिंग कराने से पहले जानें ये बातें, हो सकता है बड़ा नुकसान | keep…

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हेयर स्ट्रेटनिंग कराने से पहले जानें ये बातें, हो सकता है बड़ा नुकसान | keep…
हेयर स्ट्रेटनिंग कराने से पहले जानें ये बातें, हो सकता है बड़ा नुकसान

कॉस्मेटिक हेयर ट्रीटमेंट का सेहत पर असर.Image Credit source: freepik

बालों को चमकदार और स्मूथ बनाने के लिए पहले लोग नेचुरल चीजों का यूज करते थे, लेकिन वक्त बदलने के साथ ही हर क्षेत्र में बदलाव आए हैं और मार्केट में स्किन केयर से हेयर केयर तक के लिए महंगे प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स मौजूद हैं. बेजान और रफ बालों को शाइनी-स्मूथ बनाने के लिए कैरोटीन ट्रीटमेंट करवाया जाता है. इसके अलावा लोग अपने बालों में हेयर स्ट्रेटनिंग भी करवाते हैं, जिसमें कई केमिकल का यूज किया जाता है. वर्किंग गर्ल्स में इसका क्रेज काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है, लेकिन क्या आपको पता है कि ये आपके लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है. इसी को लेकर हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने चौंका दिया है.

बालों में कैरोटीन और हेयर स्ट्रेटनिंग करवाने की प्रक्रिया तकरीबन 3 घंटे लंबी होती है, जिसमें कई तरह के केमिकल प्रोडक्ट्स का यूज किया जाता है. कैरोटीन लगभग 3 महीने तक चलता है और हेयर स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट भी इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने समय का करवाया है, जैसे 6 महीने या फिर 1 साल. इसके लिए दोबारा से ट्रीटमेंट की सिटिंग्स लेनी पड़ती हैं. इसकी वजह से आप कई बार केमिकल्स के संपर्क में आते हैं, लेकिन आप सोच भी नहीं सकते हैं कि ये कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स आपको गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकते हैं.

रिपोर्ट ने चौंकाया, किडनी फेलियर का खतरा

हाल ही में ‘द न्यूजीलैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, एक 26 वर्षीय महिला को किडनी डैमेज का सामना करना पड़ा, जिसके पीछे की वजह हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोसिजर था. ये स्टडी कहती है कि महिला ने 2020 से लेकर 2022 के बीच तीन बार सैलून में हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोसिजर करवाया, जिसमें ग्लाइऑक्सिलिक एसिड बेस्ड प्रोडक्ट्स का यूज किया गया था.

महिला को हर सिटिंग के बाद बुखार, दस्त, मितली, और पीठ दर्द जैसी समस्याएं होती थीं, जिसके बाद डॉक्टरों की जांच में पाया गया कि महिला के ब्लड में क्रिएटिनिन का लेवल ज्यादा था, जिसकी वजह से उसकी किडनी सही से काम नहीं कर पा रही थी.

कैंसर का भी है खतरा

फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग की स्त्री रोग विभाग की डायरेक्टर डॉक्टर अपर्णा जैन के मुताबिक, हेयर स्ट्रेटनिंग में जो केमिकल यूज किए जाते हैं उनसे महिलाओं में ब्रेस्ट और गर्भाशय के कैंसर का जोखिम भी बढ़ता है. इसके अलावा इसके ज्यादा यूज से महिलाओं की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है.

कितनी बार हेयर स्ट्रेटनिंग करवाने से ज्यादा जोखिम

डॉक्टर अपर्णा जैन के मुताबिक, जो महिलाएं एक साल में 4 बार से ज्यादा हेयर स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट करवाती हैं, उनमें अन्य महिलाओं के मुकाबले डिम्बग्रंथि और स्तन कैंसर होने का जोखिम 30 प्रतिशत तक ज्यादा होता है.

क्या हैं सुरक्षित विकल्प?

बालों में स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट या फिर कैरोटीन ट्रीटमेंट की बजाय आप डीप कंडीशनिंग करें. इससे आपके बाल हाइड्रेट रहते हैं और मुलायम बनते हैं. केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट यूज करने की बजाय आप अपने बालों में अंडास दही, जैसी चीजों से बने हेयर मास्क रेगुलर रूप से इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपके बाल नेचुरली मुलायम और शाइनी बने रह सकते हैं, साथ ही अच्छी डाइट, भरपूर मात्रा में पानी पीना हेयर फॉल की समस्या से राहत दिलाता है. अगर आपको हेयर स्ट्रेटनिंग करवानी है तो इससे पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह लें और पूरी सावधानी के साथ हेयर ट्रीटमेंट करवाएं.

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