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विजय वेस्ट भूमिगत खदान क्षेत्र में फिर हुआ भू धंसान, तीसरी बार हुई घटना से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त, एक मवेशी के मौत की खबर
कोरबा। जिले के सीमांत कोरबी-चोटिया इलाके में संचालित हो रही एसईसीएल की विजय वेस्ट भूमिगत खदान के ऊपरी हिस्से की जमीन एक बार फिर धंस गई है। तीसरी बार हुए इस तरह के घटनाक्रम से क्षेत्रवासियों में दहशत बढ़ गई है।
कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत जलके-तनेरा सर्किल में भू धसान की घटना हुई है। कुछ वर्ष पहले भी जमीन धंसने की घटना हुई थी जिसे गंभीरता से नहीं लिया गया। तीसरी बार फिर से जमीन धंस जाने के कारण जहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वृक्ष इसमें समा गये वहीं प्रभावित जंगल क्षेत्र में दरार का दायरा बढ़ते जाने से अनजाने हादसों का खतरा बढ़ गया है। लगभग 3 फीट चौड़ी और काफी गहरी दरार वर्तमान में अनुमानित की गई है। मवेशियों को चराने के लिए इस क्षेत्र में आने वाले चरवाहों के द्वारा भू-धंसान की जानकारी मिलने के उपरांत ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इस दरार में गिरकर एक गाय की मौत होने की भी खबर है। घटना सोमवार रात की बताई गई है।उक्त जंगल क्षेत्र में गोंदरिया मोहल्ला है जहां पण्डो जनजाति के कुछ लोग निवासरत हैं। इनके आवास भी इस घटना में प्रभावित होने की अपुष्ट जानकारी मिल रही है। इस संबंध में जब क्षेत्र के संबंधित वन अधिकारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। दूसरी तरफ जंगल की ओर जाने वालों के समक्ष किसी भी वक्त भू-धंसान से जान-माल का खतरा बना हुआ है। इस बात पर चिन्ता और आश्चर्य भी जाहिर किया जा रहा है कि पूर्व में और वर्तमान में भू-धंसान के बाद ऐहतियात के तौर पर कोई सुरक्षा घेरा, बेरिकेटिंग आदि नहीं की गई है और न ही इस संबंध में कोई चेतावनी जारी हुई है। स्थानीय प्रशासन, वन विभाग, एसईसीएल प्रबंधन पर अनदेखी का भी आरोप लगा है।