दोस्त के सिलेक्शन से सीख ली और बन गईं SDM; कौन हैं MPPCS टॉप करने वाली दीपि… – भारत संपर्क
एमपीपीएससी टॉपर दीपिका पाटीदार
एमपीपीएससी के रिजल्ट देर रात जारी हुए है. जैसे ही परिणाम सामने आए सफल हो चुके छात्रों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा. इसी कड़ी में देवास जिले के सोनकच्छ के जामगोद गांव की रहने वाली दीपिका पाटीदार भी है. दीपिका ने अपने संघर्ष और कठिन मेहनत से न केवल खुद को बल्कि पूरे प्रदेश को गर्वित किया है. दीपिका ने अपने पांचवें प्रयास में एमपीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है. उन्हें मध्यप्रदेश में पहली रैंक मिली है. यह उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और लगातार प्रयासों का परिणाम है.
दीपिका ने अपनी तैयारी का सफर 9 साल पहले शुरू किया था. उन्होंने इंदौर में रहकर अपनी पीएससी की तैयारी शुरू की थी. इस दौरान उन्हें कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ा. हालांकि हर असफलता से उन्होंने कुछ नया सीखा और हार मानने की बजाय आगे बढ़ने का संकल्प लिया. उनका यह संघर्षपूर्ण सफर पांचवें प्रयास में सफलता की ओर बढ़ा. जब उन्होंने पहली बार डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना पूरा किया.
दीपिका के माता-पिता विशेष रूप से उनके पिता जो पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हैं ने हमेशा उनका साथ दिया. उनका आत्मविश्वास बनाए रखा. दीपिका ने हमेशा अपने माता-पिता को अपनी सफलता का सबसे बड़ा सहारा माना. उनके माता-पिता के निरंतर उत्साहवर्धन और समर्थन ने उन्हें कभी भी निराश नहीं होने दिया. वहीx उनके जीवन में उनकी एक सहेली भी है, जिसने उनके साथ ही दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी की थी.
फ्रेंड के सिलेक्ट होने पर और की मेहनत
दीपिका की सहेली का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ था, लेकिन दीपिका का चयन उस वक्त नहीं हुआ. दीपिका ने इसे अपनी असफलता नहीं समझा बल्कि इसे एक प्रेरणा के रूप में लिया. उन्होंने यह सोचा कि अगर उसकी सहेली का चयन हो सकता है तो उनका क्यों नहीं हो सकता? इस विचार ने उन्हें और अधिक प्रेरित किया और उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ. दीपिका का सपना शुरू से ही डिप्टी कलेक्टर बनने का था.
मेहनत से हासिल किया मुकाम
दीपिका के पिताजी भी उन्हें हमेशा एक अधिकारी के रूप में देखना चाहते थे. दीपिका ने इस सपने को अपने जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बनाया और आखिरकार मेहनत, संघर्ष और दृढ़ निश्चय से इसे पूरा किया. उनकी सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि उनके गांव और राज्य के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है. दीपिका पाटीदार की सफलता एक संदेश देती है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सपोर्ट की जरूरत होती है. उनके संघर्ष की कहानी यह बताती है कि असफलताएं हमें कमजोर नहीं बनातीं हैं, बल्कि सफलता की ओर एक कदम और बढ़ाती हैं. दीपिका की यह सफलता उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिन रास्तों पर चलने का साहस रखते हैं.