#MeToo: नाना पाटेकर को कोर्ट की तरफ से मिली बड़ी राहत? – भारत संपर्क


नाना पाटेकर को कोर्ट की तरफ से मिली बड़ी राहत
एक्टर नाना पाटेकर एक बार फिर से ‘मी टू’ मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा में आ गए हैं. साल 2018 में कई दिग्गज नामी सितारों पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें नाना पाटेकर का भी नाम शामिल था. हालांकि, फिलहाल उन्हें कोर्ट की तरफ से राहत मिलने की खबर आ रही है, लेकिन एक्ट्रेस के वकील ने इससे इनकार किया है. नाना पाटेकर पर एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
साल 2008 में एक मूवी की शूटिंग के दौरान सेट तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. हालांकि, ये मामला साल 2018 में मीटू अभियान के तहत ही एक्टर पर केस दर्ज किया. लेकिन अब इस मामले को लेकर एक्ट्रेस को कोर्ट की तरफ से झटका लगा है. उनकी बी रिपोर्ट खारिज कर दी गई है
तनुश्री दत्ता के वकील नितिन सातपुते ने ये दावा किया है कि कोर्ट की तरफ से बी समरी रिपोर्ट को खारिज कर दिया गया, लेकिन अदालत ने तनुश्री की शिकायत को खारिज नहीं किया है.
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शिकायत में सबूतों की कमी
तनुश्री दत्ता ने अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट में नाना पाटेकर और अन्य के खिलाफ छेड़छाड़ और धमकी का मामला दर्ज कराया था. इस मामले की सुनवाई मजिस्ट्रेट नीलेश बंसल के सामने की जा रही थी. लेकिन फिलहाल सबूतों की कमी होने की वजह से मुंबई पुलिस के दिए गए क्लोजर रिपोर्ट और तनुश्री की दर्ज की गई शिकायत को रद्द कर दिया गया है. लेकिन एक्ट्रेस के वकील ने इस बात से इनकार किया है. उन्होंने बताया है कि कोर्ट की तरफ से बी रिपोर्ट खारिज की गई है. एक्ट्रेस ने केवल नाना पाटेकर पर ही नहीं, बल्कि कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, निर्देशक अब्दुल सामी सिद्दीकी और निर्माता राकेश सारंग पर भी आरोप लगाया था. एक्ट्रेस ने दावा किया था कि 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की थी. उन्होंने बताया कि सिंगर-एक्टर की शूटिंग चल रही थी, तब भी नाना पाटेकर सेट पर आए थे.
“ये सभी आरोप झूठे थे”
तनुश्री ने ओशिवारा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी. इस मामले में नाना पाटेकर ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि “मुझे पता था कि ये आरोप झूठे थे, इसलिए गुस्सा होने का कोई सवाल ही नहीं था. हमें झूठ और आरोपों पर गुस्सा क्यों होना चाहिए? अब ये बातें बहुत पुरानी हो गयी हैं. अब जो हुआ उसके बारे में मैं क्या कह सकता हूं? सबको पता है कि सच क्या है. उस समय मैं उस चीज के बारे में क्या कहने जा रहा था जो हुई ही नहीं हुई थी? अचानक कोई आता है और कहता है तुमने ये किया, तुमने वो किया. मुझ पर आरोप लगाता है उस समय मुझे क्या जवाब देना चाहिए था? मैंने ऐसा नहीं किया, क्या मुझे यह कहना चाहिए था?”