महादेव सट्टेबाजी: भूपेश बघेल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सौरभ से पूछताछ में खुलेंगे 508 करोड़ के राज
महादेव सट्टेबाजी मामले में भूपेश बघेल पर लगे आरोपों की प्रतीकात्मक तस्वीर। – एआईHighLights
- सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से राजनीति में खलबली
- सीबीआई पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राजनीतिक राज
- सट्टे की कमाई का दायरा पहुंचा हजारो करोड़
सतीश पांडेय,,रायपुर। महादेव सट्टा ऐप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सौरभ से पूछताछ में सट्टे की कथित कमाई, हवाला नेटवर्क, संरक्षण राशि और लाभार्थियों की कड़ियां सामने आने की उम्मीद है। वर्ष 2023 में 5.39 करोड़ रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार ड्राइवर असीम दास ने अपने बयान में शुभम सोनी के निर्देश पर बघेल तक रकम पहुंचाने का दावा किया था।
वहीं, शुभम सोनी ने वीडियो जारी कर विधानसभा चुनाव के खर्च के लिए बघेल को 508 करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया था। हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है और बघेल इनका खंडन करते रहे हैं। इधर, भाजपा कह रही है कि पूर्व सीएम समेत कांग्रेस नेताओं को जवाब देने को तैयार रहना चाहिए।
6000 करोड़ से 94,400 करोड़ तक जांच का दायरा
महादेव सट्टा नेटवर्क की जांच में अपराध से अर्जित आय का अनुमान बढ़कर 94,400 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। ईडी ने सितंबर 2026 में अदालत में पेश अभियोजन शिकायत में यह अनुमान जताया था। यह राशि न्यायिक रूप से प्रमाणित नहीं है। जांच के अनुसार, क्रिकेट, फुटबाल और अन्य खेलों पर सट्टा लगाने के लिए हजारों आनलाइन पैनल संचालित किए जाते थे। सट्टे की रकम म्यूल बैंक खातों में जमा कर कई स्तरों पर लेनदेन के बाद हवाला के माध्यम से विदेश भेजने का आरोप है। कथित राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण भी जांच के दायरे में है।
रवि,अनिल और शुभम को लाने की कवायद
सट्टा कारोबार के सह-प्रमोटर रवि उप्पल, सहयोगी अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल और वित्तीय लेनदेन संभालने वाले शुभम सोनी की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तीनों फिलहाल दुबई में है और उनकी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है। शुभम सोनी ने ई-मेल और वीडियो के जरिए तत्कालीन नेताओं तथा अधिकारियों को करोड़ों रुपये संरक्षण राशि देने के आरोप लगाए थे। हालांकि इसके बाद से शुभम सामने नहीं आया। अब सौरभ के बयान से लेनदेन की पुष्टि या नए तथ्य सामने आने की संभावना है। सीबीआई इस मामले में दो आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जबकि ईडी मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है।
दुबई में डायमंड-जेवर कारोबार, परिवार लंदन शिफ्ट
सौरभ ने दुबई में करोड़ों रुपये के निवेश से ज्वेलरी और डायमंड कारोबार खड़ा किया था। गिरफ्तारी के डर से परिवार को लंदन शिफ्ट करने और वानुआतु का पासपोर्ट हासिल कर रखा था। ईडी उसकी दुबई और दिल्ली स्थित 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियां पहले ही अटैच कर चुकी है। जांच एजेंसियां अब विदेशों में निवेश, कारोबार और संपत्तियों के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
मामले में होंगे कई राजफाश: साय
महादेव सट्टा मामले के मुख्य आरोपित सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीबीआई की बड़ी सफलता बताया है। सोमवार सुबह दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य आरोपित को पकड़ने के लिए सीबीआई लगातार प्रयास कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साय ने उम्मीद जताई कि चंद्राकर से पूछताछ के बाद महादेव सट्टा मामले में जल्द ही कई बड़े राजफाश होंगे। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए सीबीआई सहित सभी केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी।
कांग्रेस शासनकाल में मिला सट्टेबाजी को संरक्षण
महादेव सट्टा के सरगना सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पर हमला बोला है। प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि सौरभ की गिरफ्तारी से कांग्रेस में खलबली मची है। अब 508 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन, अधिकारियों और निलंबित एएसआई चंद्रभूषण वर्मा की भूमिका सहित पूरे नेटवर्क के राज सामने आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में सट्टेबाजी को संरक्षण मिला।
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