धूमधाम से मनी ईद, मगर नहीं दी रामनवमी की अनुमति, जादवपुर यूनिवर्सिटी में फिर…


जादवपुर यूनिवर्सिटी.
कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में फिर बवाल मचा है. यहां के छात्रों का आरोप है कि कैंपस में ईद तो धूमधाम से मनाई गई, लेकिन रामनवमी सेलिब्रेट करने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया गया. छात्रों का सवाल है कि जब यहां इफ्तार पार्टियां दी जा सकती हैं, ईद मन सकती हैं तो फिर रामनवमी मनाए जाने पर क्या आपत्ति है.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब विश्वविद्यालय के छात्रों ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के कैंपस में रामनवमी मनाने की इच्छा जताई. छात्रो का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसकी अनुमति से साफ इन्कार कर दिया. गत 3 अप्रैल को यूनिवर्सिटी के वीसी कायालय ने भी इस मामले में बैठक की और छात्रों ने अनुमति के लिए जो आवेदन पत्र दिया था उसे रिजेक्ट कर दिया गया.
यूनिवर्सिटी ने दिए अजीब तरह के तर्क
रामनवमी मनाने की अनुमति रिजेक्ट करने के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से छात्रों को दो कारण बताए गए. इसमें कहा गया कि पिछले साल इस तरह की कोई अनुमति नहीं दी गई थी, इसीलिए इस बार भी नहीं दी जा सकती. दूसरे कारण में कहा गया कि यूनिवर्सिटी के वीसी अभी हैं नहीं, इसलिए इस तरह का कोई नया फैसला नहीं लिया जा सकता.
छात्रों ने उठाया फैसले पर सवाल
जादवपुर यूनिवर्सिटी के इस फैसले पर छात्रों ने सवाल उठाया है. उन्होंने ऐलान किया है कि चाहे कुछ भी हो जाए वह रामनवमी मनाकर रहेंगे. छात्रों का यह भी कहा हे कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही कैंपस में ईद मनाने की अनुमति दी है तो फिर रामनवमी से उन्हें हर्ज क्या है. रामनवमी समारोह के आयोजक सोमसूर्या बनर्जी ने कहा कि कुछ भी हो जाए हम पीछे नहीं हटेंगे, जब यूनिवर्सिटी में ईद मन सकती है तो रामनवमी हर हाल में मनेगी. उधर इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है. भाजपा ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार जानबूझकर रामनवमी उत्सव में रोड़ा अटका रही है, ऐसा हरगिज नहीं होने दिया जाएगा.