रायपुर बना गांजा तस्करों का रूट! DRI ने 13 दिन में 500 किलो गांजा पकड़ा, पांच गिरफ्तार
रायपुर बना गांजा तस्करों का रूट। ()HighLights
- रायपुर में DRI ने गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की।
- दो ट्रकों से 375.95 किलो गांजा बरामद किया गया।
- कार्रवाई में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर गांजा तस्करी के बड़े रूट के रूप में केंद्रीय एजेंसी डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की कार्रवाई में सामने आया है। पिछले करीब दो सप्ताह में DRI ने रायपुर के आसपास गांजा तस्करी के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई की हैं। इन दोनों मामलों में करीब 500 किलो गांजा जब्त किया गया है। ताजा कार्रवाई में विशाखापट्टनम से आ रहे दो ट्रकों से 375.95 किलो गांजा बरामद हुआ है। चार लोगों को गिरफ्तार करने के साथ दोनों ट्रकों को भी जब्त किया गया है। इससे पहले 26 अगस्त को रायपुर के पास एक ट्रक से करीब 124 किलो गांजा बरामद किया गया था और एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया था।
DRI की 9 सितंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में पिछले दो सप्ताह के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आठ बड़े अभियान चलाए गए। इन कार्रवाइयों में करीब 740 किलो गांजा, उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा और चरस जब्त किया गया तथा NDPS एक्ट, 1985 के तहत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस पूरी कार्रवाई में रायपुर से हुई जब्ती सबसे बड़ी बरामदगी में शामिल है।
पुराने धमतरी रोड पर दो ट्रकों को रोका
- DRI को खुफिया सूचना मिली थी कि विशाखापट्टनम की ओर से गांजे की बड़ी खेप ट्रकों के माध्यम से लाई जा रही है। सूचना के आधार पर 8 सितंबर को रायपुर के पुराने धमतरी रोड के पास दो ट्रकों को रोका गया। अधिकारियों ने दोनों वाहनों की बारीकी से जांच की। ट्रकों के लोडिंग क्षेत्र में रखी 10 बोरियों पर संदेह होने के बाद उनकी तलाशी ली गई।
- बोरियों के भीतर कुल 61 पैकेट मिले। फील्ड टेस्ट में पैकेटों में गांजा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद कुल 375.95 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। कार्रवाई में दोनों ट्रकों को भी NDPS एक्ट के तहत जब्त किया गया है। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
13 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
- रायपुर में DRI की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले 26 अगस्त को भी रायपुर के पास एक ट्रक को रोककर करीब 124 किलो गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। महज करीब दो सप्ताह के भीतर रायपुर क्षेत्र से लगभग 500 किलो गांजा पकड़े जाने से एजेंसियों की निगाह इस रूट पर बढ़ गई है।
- DRI की जांच अब इस बात पर केंद्रित होगी कि गांजे की ये खेप कहां से भेजी गई थी और रायपुर के बाद इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
देशभर में 740 किलो मादक पदार्थ जब्त
- DRI के अनुसार पिछले दो सप्ताह में देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाए गए आठ अभियानों में कुल 709.6 किलो गांजा, 24.5 किलो हाईग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा और पांच किलो चरस जब्त की गई है। 13 लोगों की गिरफ्तारी NDPS एक्ट के तहत की गई है।
- रायपुर के अलावा बिहार के पटना, पंजाब के लुधियाना, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तथा हैदराबाद और बेंगलुरु के हवाई अड्डों पर भी कार्रवाई की गई।
पटना में अधिकारियों पर हमला, चालक फरार
5-6 सितंबर को बिहार के औरंगाबाद-पटना हाईवे पर DRI ने एक ट्रक को पीछा करने के बाद पकड़ा। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों पर हमला किया गया, जिसमें एक अधिकारी घायल हो गया। ट्रक चालक मौके से भाग निकला। तलाशी के दौरान ड्राइवर के केबिन के पीछे बनाए गए गुप्त हिस्से से 90 पैकेट गांजा बरामद हुआ। कुल 140.5 किलो गांजा जब्त किया गया।
कार की फर्श में बनाई थी गुप्त कैविटी
1-2 सितंबर को पंजाब के लुधियाना के पास DRI ने एक कार की तलाशी ली। कार की फर्श में विशेष रूप से बनाई गई कैविटी में 67 पैकेट छिपाकर रखे गए थे। इनमें करीब 69 किलो गांजा मिला। वाहन समेत गांजा जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नेपाल से ट्रेन के जरिए लाई गई पांच किलो चरस
3 सितंबर को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहे तीन लोगों को DRI ने पकड़ा। तलाशी में करीब पांच किलो चरस बरामद हुई। DRI के मुताबिक दो यात्रियों ने चरस को घुटने के कवर जैसे बनाए गए कवर में जांघों पर बांधकर साड़ी के अंदर छिपाया था। जांच में इसके नेपाल से तस्करी कर लाए जाने की बात सामने आई। तीनों को गिरफ्तार किया गया।
विदेश से हाइड्रोपोनिक गांजा भी पहुंच रहा
DRI ने हवाई मार्ग से होने वाली तस्करी पर भी कार्रवाई की। पिछले 15 दिनों में हनोई और बैंकॉक से हैदराबाद व बेंगलुरु पहुंचे तीन यात्रियों से करीब 24.6 किलो उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया। तीनों यात्रियों को गिरफ्तार किया गया।
रायपुर पर क्यों बढ़ी नजर?
- DRI की लगातार दो कार्रवाइयों में करीब 500 किलो गांजा पकड़े जाने के बाद रायपुर एक बार फिर मादक पदार्थों की तस्करी के संभावित ट्रांजिट रूट को लेकर चर्चा में है। खासतौर पर विशाखापट्टनम की दिशा से आने वाली खेपों पर एजेंसियों की निगरानी बढ़ने के संकेत हैं। हालांकि जब्त गांजे की अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
- DRI की कार्रवाई यह भी बताती है कि तस्कर गांजा छिपाने के लिए वाहनों में विशेष कैविटी, गुप्त केबिन और बोरियों जैसे अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एजेंसी सड़क के साथ-साथ रेल और हवाई मार्गों पर भी खुफिया सूचना के आधार पर निगरानी कर रही है।
एक नजर में रायपुर की DRI कार्रवाई
- 8 सितंबर: पुराने धमतरी रोड के पास दो ट्रक पकड़े गए।
- जब्ती: 375.95 किलो गांजा।
- तरीका: 10 बोरियों में 61 पैकेट छिपाए गए थे।
- गिरफ्तारी: चार आरोपित।
- 26 अगस्त: रायपुर के पास एक ट्रक से करीब 124 किलो गांजा जब्त।
- गिरफ्तारी: एक आरोपित।
- दोनों कार्रवाई में कुल: करीब 500 किलो गांजा जब्त और पांच गिरफ्तार।
Leave a Reply