
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर साइबर जालसाजों ने बड़े मुनाफे का झांसा देकर एक कारोबारी को अपनी ठगी का शिकार बनाया है. शंकर नगर स्थित हाईपार्क निवासी और रियल एस्टेट कारोबारी विशाल बरड़िया से फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए 94.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है. पीड़ित की शिकायत पर खम्हारडीह थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
रील देखकर जालसाजों के संपर्क में आए पीड़ित
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, कारोबारी को इंस्टाग्राम पर शेयर बाजार से जुड़ी एक रील देखने के बाद एक अनजान नंबर से संपर्क किया गया. इसके बाद उन्हें ‘जीएल 632-एनएएम एलीट कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल कर लिया गया. ठगों ने खुद को एक नामी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का प्रतिनिधि बताया और प्रतिदिन दोपहर को किसी चुनिंदा शेयर को खरीदने तथा अगले दिन मुनाफा कमाकर बेचने का लालच दिया.
नकली ऐप पर दिखाया 1.90 करोड़ का फर्जी बैलेंस
आरोपियों के झांसे में आकर कारोबारी ने 13 अगस्त से अलग-अलग बैंक खातों में किस्तों के जरिए कुल 94.50 लाख रुपये जमा करा दिए. जालसाजों द्वारा तैयार किए गए फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर उनकी जमा राशि का पोर्टफोलियो बढ़कर लगभग 1.90 करोड़ रुपये दिखने लगा, जिससे कारोबारी को अपने निवेश पर पूरा भरोसा हो गया.
रकम निकालने की कोशिश पर हुआ ठगी का अहसास
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने अपनी कुल राशि में से 80 लाख रुपये बैंक खाते में निकालने की कोशिश की. निकासी का अनुरोध डालते ही ऐप पर उनका बैलेंस फ्रीज कर दिया गया. जालसाजों ने दाव किया कि उनके खाते से कई आईपीओ (IPO) खरीदे गए हैं और बकाया राशि चुकाने के बाद ही पैसे निकाले जा सकेंगे. इसके साथ ही उनसे और पैसे जमा करने की मांग की जाने लगी.
संदेह होने पर पीड़ित ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और पुलिस को सूचित किया. खम्हारडीह थाना पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन और डिजिटल गतिविधियों को ट्रैक कर साइबर अपराधियों की तलाश में जुट गई है.
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