रायपुर में महिला को किया डिजिटल अरेस्ट, NIA अधिकारी बनकर सात लाख की ठगी, RBI के नाम से भेजा फर्जी प्रमाणपत्र
NIA अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, फोटो-एआई जनरेटेडHighLights
- बुजुर्ग महिला साइबर ठगी का हुई शिकार
- NIA अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट
- वीडियो कॉल से फॉर्म भरवाकर सात लाख ठगे
, रायपुर। राजधानी के नर्मदापारा में रहने वाली 62 वर्षीय रीता खन्ना साइबर ठगी का शिकार हो गईं। ठगों ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का अधिकारी विक्रम सिंह बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने का भय दिखाया।
आधार कार्ड से फर्जी बैंक खाता खुलने और उसमें मनी लांड्रिंग की रकम होने की बात कहकर गिरफ्तारी वारंट तक भेज दिया। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर ठगों ने महिला से सात लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से महाकाली मेटल नाम के खाते में जमा करा लिए।
बाद में भी जब उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिला, तब ठगी का अहसास हुआ। शिकायत पर गंज थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, रीता खन्ना स्टेशन रोड स्थित सत्कार होटल गली, नर्मदापारा की निवासी हैं। उनका स्टेशन रोड पर मशीन मरम्मत का कारोबार है। सात अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे उनके मोबाइल पर एक वाट्सएप कॉल आया।
फोन करने वाले ने खुद को एनआईए रायपुर का अधिकारी विक्रम सिंह बताया। उसने महिला से पूछा कि क्या वह रीता खन्ना बोल रही हैं। इसके बाद कहा कि उनके आधार नंबर से फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिसमें मनी लांड्रिंग का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात कहकर उन्हें डराया गया।
हर आधे घंटे में फोन कर लेते थे जानकारी
शिकायत के मुताबिक, ठगों ने महिला के व्हाट्सएप पर एक पत्र भेजा और कहा कि जांच के लिए उनका सत्यापन किया जाएगा। उन्हें चेतावनी दी गई कि गलत जानकारी देने पर जेल जाना पड़ सकता है। महिला के परिवार, संपत्ति, बैंक खातों और सावधि जमा (एफडी) की जानकारी भी ली गई।
ठगों ने लगातार फोन कर उन पर मानसिक दबाव बनाए रखा। अगले दिन आठ अक्टूबर को आरोपितों ने महिला की बात राकेश अग्रवाल नाम के एक व्यक्ति से कराई, जिसे उन्होंने अपना वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसने भी महिला को गिरफ्तारी का डर दिखाया।
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एफडी तुड़वाकर दूसरे खाते में मंगवाई रकम
ठगों के दबाव में महिला ने नौ अक्टूबर को केनरा बैंक की एफडी तुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की। बैंक की छुट्टियों के दौरान भी आरोपित लगातार फोन करते रहे। 12 अक्टूबर को उन्हें केनरा बैंक में जमा रकम एचडीएफसी बैंक के अपने खाते में स्थानांतरित करने के लिए कहा गया।
इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल के दौरान उनसे आरटीजीएस फॉर्म भरवाया। फार्म में महाकाली मेटल के बैंक खाते का विवरण भरवाकर सात लाख रुपये स्थानांतरित करने को कहा गया। महिला ने देवेन्द्र नगर स्थित एचडीएफसी बैंक में फार्म जमा किया और अपने खाते से सात लाख रुपये संबंधित खाते में भेज दिए। इसके बाद उन्होंने भुगतान की रसीद भी ठगों को व्हाट्सएप पर भेज दी।
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