
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे आरंग थाना क्षेत्र में हुई शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके ही साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा ने 30 लाख रुपये के उधारी और ब्याज के विवाद में की थी. आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है.
लेनदेन और ब्याज को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक शिवकुमार और आरोपी चंद्रप्रकाश दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में पदस्थ थे. दोनों पिछले चार वर्षों से रियल एस्टेट और कारोबार में वित्तीय लेनदेन से जुड़े थे. आरोपी के मुताबिक उसने शिवकुमार को 30 लाख रुपये दिए थे, जिसके बदले में तीन ब्लैंक चेक मिले थे. पिछले तीन महीनों से ब्याज का भुगतान न होने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था. 17 सितंबर की सुबह बहस के बाद आरोपी शिवकुमार को बनचरौदा के सुनसान इलाके में ले गया और वहां हथौड़े व धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी.
VSK ऐप और सीसीटीवी से पकड़ा गया आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को बचाने की साजिश रची. उसने घटना के वक्त अपने मोबाइल का लोकेशन बंद कर दिया था और स्कूल लौटने के बाद अपने फोन की जगह साथी शिक्षक के मोबाइल से शिक्षा विभाग के ‘वीएसके ऐप’ में हाजिरी दर्ज कराई. हालांकि, स्कूल के सीसीटीवी फुटेज, ऐप की लॉग रिपोर्ट और गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को जोड़ने पर पुलिस का संशय गहरा गया. कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया.
हत्या में प्रयुक्त सामान और वाहन जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा, धारदार हथियार, सफेद रंग की स्कूटी, मृतक के तीन ब्लैंक चेक, दोनों के मोबाइल फोन और खून से सने कपड़े व जूते बरामद कर लिए हैं. आरंग पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.
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