RBI Monetary Policy : महंगाई से आरबीआई की लड़ाई, कम नहीं…- भारत संपर्क


RBI ने पेश की मौद्रिक नीति
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने साल 2024 की पहली मौद्रिक नीति पेश कर दी है. सरकार के अंतरिम बजट पेश करने के तुरंंत बाद आई इस मोनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट को पहले की तरह 6.5 प्रतिशत पर रखा गया है. भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने लगातार छठी बार नीतिगत ब्याज दरों को यथावत रखा है. इससे आम आदमी के लिए अब होम लोन या कार लोन क सस्ती नहीं होगी और ये पहले की तरह ही बने रहने का अनुमान है.
आरबीआई ने पिछले साल फरवरी की मौद्रिक नीति में रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत किया था. इसे ही अभी बरकरार रखा गया है. महंगाई कंट्रोल करने के अपने मुख्य लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ये द्विमासिक मौद्रिक नीति पेश की है. चालू वित्त वर्ष 2023-24 में रिजर्व बैंक की आखिरी मौद्रिक नीति है. इसके बाद अगली मौद्रिक नीति अप्रैल में आएगी, जो नए वित्त वर्ष की पहली मोनेटरी पॉलिसी होगी.
महंगाई कंट्रोल रखना सबसे जरूरी
मौद्रिक नीति पेश करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ”वैश्विक स्तर पर अनिश्चतता के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूती दिखा रही है, एक तरफ आर्थिक वृद्धि बढ़ रही है, दूसरी ओर महंगाई में कमी आई है. मौद्रिक नीति समिति ने महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए ब्याज दरों में नरम रुख को वापस लेने का रुख बरकरार रखा है. देश की इकोनॉमिक ग्रोथ तेज हो रही है और यह अधिकतर विश्लेषकों के अनुमानों से आगे निकल रही है.”
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फूड इंफ्लेशन अब भी अनिश्चित
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि देश में फूड इंफ्लेशन अब भी देश की महंगाई दर पर असर डाल रही है. खाद्य पदार्थों की कीमतों में अनिश्चितता बनी हुई है. हालांकि एमपीसी देश में महंगाई दर को 4 प्रतिशत के लक्ष्य पर रखने के लिए प्रतिबद्ध है. आरबीआई का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में रिटेल इंफ्लेशन 5.4 प्रतिशत रह सकती है. जबकि 2024-25 में ये 4.5 प्रतिशत रह सकती है.
ग्रोथ जबरदस्त रहने की उम्मीद
शक्तिकांत दास ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार 2024-25 में भी जारी रहने की उम्मीद है. अंतरिम बजट के मुताबिक सरकार अब अपने राजकोषीय घाटे को कम करने के लक्ष्य पर काम कर रही है. भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष 2024-25 में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत पर रहेगी. वहीं 2024 में वैश्विक ग्रोथ स्थिर रहने का अनुमान है.