रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का दुनिया में जलवा, लंदन में मिला…- भारत संपर्क


RBI को मिला ‘रिस्क मैनेजर ऑफ द ईयर अवार्ड’
भारत और देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई को लेकर एक अच्छी खबर आई है. भारतीय रिजर्व बैंक को लंदन की सेंट्रल बैंकिंग द्वारा वर्ष 2024 का ‘रिस्क मैनेजर ऑफ द ईयर 2024’ पुरस्कार दिया गया है.
आरबीआई ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए अपने एक पोस्ट में दी है. पोस्ट में बताया गया है कि केंद्रीय बैंक को यह पुरस्कार रिस्क कल्चर को लेकर किए अवेयरनेस को लेकर मिला है. आरबीआई के तरफ से यह पुरस्कार एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोरंजन मिश्रा ने प्राप्त किया है.
The Reserve Bank of India has been awarded the Risk Manager of the Year Award 2024 by Central Banking, London, UK.
RBI was awarded the best risk manager for improving its risk culture and awareness.
Executive Director Shri Manoranjan Mishra received the award on behalf of the pic.twitter.com/r9nmpWgQqn
— ReserveBankOfIndia (@RBI) June 16, 2024
बाजार को भी मिली आरबीआई से तेजी
आरबीआई के ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के फैसले के चलते कुछ सेक्टर्स ने जबरदस्त तेजी दिखाई है. बैंकिंग, फाइनेंस, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयर्स में 9.5 प्रतिशत तक की ग्रोथ देखी गई है. आरबीआई ने अपनी जून की मौद्रिक नीति में रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर मेंटेन रखा है.
बीएसई सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 423.27 लाख करोड़ रुपए हो गया है. जबकि एक दिन में 7.38 लाख करोड़ रुपए का वैल्यूएशन बढ़ा है. शेयर बाजार में ये तेजी तब देखी गई है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 4 जून को देश के 5 करोड़ रिटेल निवेशकों को 30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचने के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट स्कैम होने के आरोप लगाए हैं. अगर अलग-अलग शेयरों को देखें तो विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक के शेयरों में जबरदस्त देखी गई है. ये सभी शेयर टॉप गेनर रहे हैं और ये 5 प्रतिशत तक चढ़ गए हैं.
आरबीआई बना रहा खास इंटेलीजेंस सिस्टम
बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति की घोषणा करते वक्त शक्तिकांत दास ने डिजिटल पेमेंट फ्रॉड की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम को इस तरह के फ्रॉड से बचाने की जरूरत है. इसलिए आरबीआई एक ऐसा डिजिटल पेमेंट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव करता है, जो नेटवर्क के लेवल पर ही इंटेलीजेंस निगरानी करेगा. इतना ही नहीं ये रियल टाइम में पूरे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में डेटा शेयरिंग करेगा.
इस प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक कमेटी गठित की है. ये कमेटी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े अलग-अलग पहलुओं और उसके काम का परीक्षण करेगी. ईटी की खबर के मुताबिक इस कमेटी के अध्यक्ष अभय होटा हो सकते हैं, जो नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पहले सीईओ रह चुके हैं.