रतनपुर-लोरमी रूट पर 100 करोड़ की टू-लेन सड़क हुई फेल, 650 करोड़ के फोरलेन प्रोजेक्ट की तैयारी
रतनपुर-लोरमी रूट पर 100 करोड़ की टू-लेन सड़क हुई फेल। (एआई जनरेटेड)HighLights
- रतनपुर-लोरमी मार्ग पर पुरानी टू-लेन सड़क हुई नाकाम।
- PWD ने 650 करोड़ का फोरलेन प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया।
- जमीन अधिग्रहण और मुआवजे पर 160 करोड़ खर्च होंगे।
, बिलासपुर। रतनपुर से लोरमी के बीच आठ साल पहले करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई टू-लेन सड़क विभागीय अदूरदर्शिता की भेंट चढ़ गई है। गारंटी और रिन्यूअल अवधि खत्म होते ही सड़क पर भारी ट्रैफिक का दबाव इस कदर बढ़ा कि लोक निर्माण विभाग का पुराना ढांचा पूरी तरह नाकाफी साबित हुआ। नतीजतन, मेंटेनेंस का सामान्य प्रस्ताव दरकिनार कर अब इसी रूट पर 650 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फोरलेन प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी ने तैयार किया नया प्रपोजल
पीडब्ल्यूडी पहले इस 52 किलोमीटर सड़क की सामान्य मरम्मत और रिन्यूअल कर पल्ला झाड़ने की तैयारी में था। लेकिन इंजीनियर इन चीफ कार्यालय ने भविष्य के ट्रैफिक और औद्योगिक दबाव को देखते हुए फाइल लौटा दी और इसे 22 मीटर चौड़े फोरलेन में बदलने का नया प्रपोजल तलब किया।
जमीन अधिग्रहण में 160 करोड़ खर्च
- नए प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा पेंच वित्तीय और मैदानी अड़चनों में फंसा है। कुल 650 करोड़ के बजट में से 160 करोड़ रुपये केवल निजी जमीन के अधिग्रहण और मुआवजे पर खर्च होंगे, जबकि सड़क निर्माण पर 300 करोड़ और दो बड़े पुलों पर 200 करोड़ की लागत आएगी।
- सबसे बड़ा गतिरोध रतनपुर-कोटा रेलखंड के पास है, जहां 600 मीटर हिस्सा रेलवे की जमीन पर आ रहा है। पूर्व में रेलवे से हरी झंडी न मिलने के कारण अब विभाग को शहर के बाहर से नया बाईपास तलाशने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
अरपा पर बनेगा नया फोरलेन पुल
रतनपुर-लोरमी रूट पर सबसे बड़ा बाटलनेक जोगीपुर गांव के पास अरपा नदी का पुराना संकरा पुल है, जहां दिनभर जाम की स्थिति रहती है। टू-लेन निर्माण के समय इस पुल के चौड़ीकरण की अनदेखी की गई थी। अब नए प्रोजेक्ट के तहत पुराने पुल को अनुपयोगी मानकर उसके समानांतर 100 करोड़ रुपये की लागत से नया फोरलेन पुल और एक आरओबी प्रस्तावित किया गया है।
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नवागढ़ तक भारी मालवाहकों के लिए बनेगा नया बाईपास
पीडब्ल्यूडी इस रूट को केवल दो जिलों की स्थानीय सड़क नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे के समानांतर 100 किमी के हैवी कमर्शियल कारिडोर के रूप में देख रहा है। मुंगेली और बेमेतरा होते हुए नवागढ़ तक जुड़ने वाले इस मार्ग के तैयार होने से भारी वाहनों को बिलासपुर शहर के भीतर घुसे बिना सीधी राह मिल जाएगी, जिससे शहर को आए दिन लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
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