एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कॅरियर की अपार संभावनाएं, लाखों में मिलेगी सैलरी


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भारत एक कृषि प्रधान देश है, और कृषि क्षेत्र का हमारी इकोनॉमी में बहुत बड़ा योगदान है. कृषि क्षेत्र को आजकल एंप्लॉयमेंट का एक बहुत बड़ा सोर्स माना जा रहा है, खासकर उन युवाओं के लिए जो एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग जैसे कोर्स कर रहे हैं. पिछले कई सालों में कृषि इंजीनियरों ने एग्रीकल्चरल सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए नए-नए रिसर्च और टेक्नीक्स विकसित की हैं.
अगर आप एग्रीकल्चरल सेक्टर में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं तो एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में कई अच्छे करियर ऑप्शंस हैं. इस क्षेत्र में बी.टेक, एम.टेक, और डिप्लोमा कोर्स करने के बाद आप अच्छे जॉब्स पा सकते हैं.
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग क्या है?
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग वह ब्रांच है जो कृषि उपकरणों, मशीनरी, और एग्रीकल्चरल प्रोसेसस के डिज़ाइन, कंस्ट्रक्शन, और इम्प्रूवमेंट से संबंधित है. इसमें इंजीनियर फार्मिंग में उपयोग होने वाली मशीनों को इस तरह से डिज़ाइन करते हैं ताकि वे ज्यादा स्किलफुली अच्छे से काम कर सकें.
कृषि इंजीनियरों का मुख्य उद्देश्य खेती के तरीके और प्रोडक्टिविटी को सुधारना है, ताकि फसलों की पैदावार बढ़े और किसानों को अधिक लाभ हो.
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए एलीजिबिलिटी
अगर आप एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बी.टेक करना चाहते हैं तो आपको 10+2 में साइंस (मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री) के साथ कम से कम 50% अंक होने चाहिए. बी.टेक के बाद आप एम.टेक भी कर सकते हैं, जो 2 साल का कोर्स होता है. इसके अलावा, आप 10वीं और 12वीं के बाद 3 साल का डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं.
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में एडमिशन कैसे लें?
10+2 साइंस से करने के बाद, आप विभिन्न एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भाग ले सकते हैं, जैसे ICAR (Indian Council of Agricultural Research) Entrance Exam (बी.टेक और एम.टेक), IIT-JAM (Indian Institute of Technology Joint Admission Test) (बी.टेक और एम.टेक), IIT JEE (बी.टेक).
MHT CET (Maharashtra Common Entrance Test) (बी.टेक), और GATE (Graduate Aptitude Test in Engineering) (एम.टेक).
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कोर्स की फीस
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कोर्स की फीस कॉलेज के प्रकार पर निर्भर करती है. UG (B.Tech) के लिए प्राइवेट कॉलेज में ₹1 लाख से ₹12.40 लाख तक और गवर्नमेंट कॉलेज में ₹36,000 से ₹10.58 लाख तक फीस होती है. PG (M.Tech) के लिए प्राइवेट कॉलेज में ₹60,000 से ₹12.50 लाख तक और गवर्नमेंट कॉलेज में ₹24,000 से ₹4.44 लाख तक फीस ली जाती है.
वहीं, डिप्लोमा कोर्स की फीस प्राइवेट कॉलेज में ₹65,100 से ₹1.55 लाख तक और गवर्नमेंट कॉलेज में ₹4,000 से ₹33,300 तक होती है.
एग्रीकल्चर इंजीनियरों के लिए करियर के ऑप्शन
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में बहुत सारी नौकरी की संभावनाएं हैं. आप गवर्नमेंट ऑर्गनाइजेशंस जैसे कि फूड डिपार्टमेंट, रिसर्च इंस्टीट्यूट्स में काम कर सकते हैं. प्राइवेट कंपनियां भी एग्रीकल्चरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए कृषि इंजीनियरों को अपॉइंटेड करती हैं. कृषि इंजीनियर एजुकेशन फील्ड में भी काम कर सकते हैं.
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में जॉब प्रोफाइल्स
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में काफी जॉब प्रोफाइल्स होते हैं, जिनमें एग्रीकल्चरल इंजीनियर (CAD Specialist) एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट और मशीनों का डिज़ाइन करने के लिए CAD तकनीक का उपयोग करते हैं. एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर बैंकिंग क्षेत्र में रूरल एरियाज में काम करते हुए कृषि से जुड़े स्टैंडर्ड्स को बनाए रखते हैं.
एग्रोनोमिस्ट फसलों और मिट्टी की सेहत पर काम करते हैं, और जलवायु के अनुसार खेती के तरीके अपनाते हैं. फूड एंड बेवरेज सुपरवाइजर फूड प्रोडक्शन और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए काम करते हैं.
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के बाद सैलरी
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के बाद स्टार्टिंग सैलरी ₹4 लाख से ₹5 लाख पर ईयर हो सकता है. 4-6 साल के एक्सपीरियंस के बाद, कृषि इंजीनियर ₹6 लाख से ₹10 लाख पर ईयर तक कमा सकते हैं.
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