Success Story of IAS Pushpa Lata: नौकरी के साथ की बच्चे की परवरिश और परिवार भी…

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Success Story of IAS Pushpa Lata: नौकरी के साथ की बच्चे की परवरिश और परिवार भी…
Success Story of IAS Pushpa Lata: नौकरी के साथ की बच्चे की परवरिश और परिवार भी संभाला, 80वीं रैंक से पुष्पलता ऐसे बनी IAS

आईएएस पुष्पलता यादव.Image Credit source: instagram

Success Story of IAS Pushpa Lata Yadav: कहते हैं अगर दिल में कुछ करने का जुनून हो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती. हरियाणा के एक छोटे से गांव खुशबुरा की रहने वाली पुष्पलता यादव ने यह सच कर दिखाया है. शादी के बाद और एक बच्चे की मां होने के बावजूद, उन्होंने न केवल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की, बल्कि तीसरे प्रयास में 80वीं रैंक लाकर आईएएस अधिकारी भी बनीं. उनकी यह कामयाबी उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अपने सपने पूरे करना चाहते हैं.

Who is IAS Pushpa Lata Yadav: कौन हैं IS पुष्पलता?

पुष्पलता का जन्म रेवाड़ी जिले के खुशबुरा गांव में हुआ. उन्होंने गांव में ही अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की और बाद में 2016 में बीएससी की डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन और एमबीए भी किया. साल 2011 में शादी के बाद पुष्पा लता गुरुग्राम के मानेसर में रहने लगीं. शादी से पहले उन्होंने दो साल तक प्राइवेट सेक्टर में काम किया था और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में असिस्टेंट मैनेजर रही. शादी के बाद भी उन्होंने नौकरी जारी रखी और परिवार की जिम्मेदारी के साथ अपने आईएएस बनने के सपने को जिंदा रखा.

IAS Pushpa Lata Yadav Story: बेटे की जिम्मेदारी के साथ की पढ़ाई

जब उनका बेटा दो साल का हो गया तो उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. उनके लिए नौकरी और परिवार की जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. पुष्पा के मुताबिक, वह रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं और फिर परिवार को समय देती थीं.

बेटे के स्कूल जाने के बाद वह फिर से पढ़ाई में लग जाती थीं. उनकी मेहनत में उनके पति ने भी पूरा साथ दिया. जब वह पढ़ाई करती थीं, तो उनके पति बेटे का ख्याल रखते थे. उनके ससुराल वालों ने भी उन्हें हर कदम पर हौसला दिया.

दो बार मिली असफलता, लेकिन नहीं मानी हार

पहले दो प्रयासों में वह असफल हो गई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अपनी पिछली गलतियों से सीखकर उन्होंने 2017 में तीसरी बार परीक्षा दी और ऑल इंडिया में 80वीं रैंक हासिल किया और उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए किया गया.

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