TCS की दो टूक, एम्प्लॉइज का Work from Home होगा बंद…अब आना…- भारत संपर्क


टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (फाइल फोटो) Image Credit source: File Photo
कोरोना के समय आईटी इंडस्ट्री को जिस ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा ने सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाया. कंपनियों के कामकाज पर जिसने असर नहीं पड़ने दिया. अब वही वर्क फ्रॉम होम कंपनियों को परेशान करने लगा है. देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने भी साफ कर दिया है कि कर्मचारियों को ऑफिस आना चाहिए. वर्क फ्रॉम होम ना तो एम्प्लॉइज और ना ही कंपनी के लिए बेहतर है.
इसी के साथ टीसीएस ने उन खबरों का भी खंडन किया जिसमें कहा गया था कि वह बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर रही है. इसके उलट कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन ने कहा कि बढ़ती मांग के मुताबिक हायरिंग में तेजी लानी पड़ सकती है. टीसीएस के सीईओ का ये बयान उस रिपोर्ट के बीच आया है जिसमें कहा गया है कि सॉफ्टवेयर उद्योग अपने प्रमुख मार्केट में मांग कम होने के कारण हायरिंग में नरमी बरत रहा है. कई कंपनियां तो कैंपस सेलेक्शन से भी पीछे हट रही हैं.
ऑफिस आकर काम करें एम्प्लॉइज
के. कृतिवासन ने कहा कि एम्प्लॉइज को ऑफिस आकर ही काम करना चाहिए क्योंकि वर्क फ्रॉम होम कर्मचारी और कंपनी दोनों के लिए आगे बढ़ने का सही तरीका नहीं है. टीसीएस इससे पहले भी अपने एम्प्लॉइज को ऑफिस आकर ही काम करने के लिए कह चुकी है. इसे सॉफ्टवेयर कंपनियों की मूनलाइटिंग से बचने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. एम्प्लॉइज की संख्या, इनकम और प्रॉफिट के मामले में टीसीएस भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी है.
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आईटी सेक्टर में आएंगी और नौकरियां
आईटी कंपनियों के संगठन नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज) ने पिछले सप्ताह कहा था कि इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2023-24 में केवल 60,000 नौकरियां दी. इससे एम्प्लॉइज की संख्या बढ़कर 54.3 लाख हो गयी. वहीं टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन का कहना है कि अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत हैं. अत: हमें अधिक काम के लिए और अधिक लोगों की आवश्यकता है. वास्तव में, हमारा हायरिंग को कम करने का कोई इरादा नहीं है. हम एम्प्लॉइज को उसी तरह से काम पर रखना जारी रखेंगे जैसे हम कर रहे हैं. बस हमें हायरिंग की प्रोसेस को बदलना होगा. टीसीएस में अभी छह लाख से ज्यादा लोग लोग कार्यरत हैं.