इजराइल कैबिनेट वॉर से जिस मंत्री ने दिया इस्तीफा उसकी थी ये 6 शर्तें, सऊदी का नाम भी… – भारत संपर्क


बैनी गैट्ज और पीएम नेतन्याहू
गाजा में आम नागरिकों की मौत के चलते दुनिया में हर तरफ इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की आलोचना हो रही है. अब वे अपने देश के अंदर भी विरोध का सामना कर रहे हैं. उनकी गठबंधन सरकार के मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह नेतन्याहू की जंग को लेकर कोई रणनीति न होना बताया है. उन्होंने इस्तीफा देते हुए कहा, “एकता वास्तविक होनी चाहिए, न कि युद्ध के नेतृत्व में गतिरोध को ढकने वाला ‘एक छलावा’.” गैंट्ज़ ने पहले ही कुछ शर्तें रख दी थी, और नेतन्याहू को 8 जून तक की डेडलाइन दी थी.
बेनी गैंट्ज लंबे समय से प्रधानमंत्री की युद्ध नीतियों से निराश चल रहे थे. उन्होंने कहा, इस महत्वपूर्ण समय में नेतृत्व को बड़ी तस्वीर देखनी चाहिए, खतरों को पहचानना चाहिए, अवसरों की पहचान करनी चाहिए और राष्ट्रीय रणनीति बनानी चाहिए.” उन्होंने वॉर कैबिनेट के सामने अपनी 6 शर्ते रखी थी और इनको पूरा करने के लिए 8 जून तक की समय सीमा दी थी, जोकि पूरी नहीं हो पाई हैं.
गैंट्ज की 6 शर्तें जिन्हें पूरा नहीं कर सके नेतन्याहू
- बंधकों को घर वापस लाना
- हमास शासन को खत्म करना, गाजा पट्टी को असैन्य बनाना और गाजा को इजराइली सुरक्षा के कंट्रोल में लेना.
- इजराइली कंट्रोल के साथ-साथ, अमेरिकी, यूरोपीय, अरब और फिलिस्तीनी तत्वों सहित गाजा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय नागरिक शासन सिस्टम बनाना, जो हमास और PA के अध्यक्ष अब्बास नहीं हों.
- 1 सितंबर तक उत्तर में रहने वाले इजराइलियों को उनके घरों में वापस लाना.
- ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा बनाना और पश्चिम के साथ गठबंधन बनाने के लिए एक व्यापक कोशिश के रूप में सऊदी अरब के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाना.
- सैन्य/राष्ट्रीय सर्विस के लिए एक रूपरेखा तैयार करना, जिसके जरिए सभी इजराइली देश की सेवा करें और राष्ट्र के लिए योगदान दें.
इन मांगों पर उन्होंने ये भी कहा था कि इस लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं है, लेकिन मजबूत इरादे और नेतृत्व के साथ हम इसको हासिल कर सकते हैं.
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नेतन्याहू के लिए बढ़ता गुस्सा
गाजा जंग की शुरुआत से ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सभी बंधकों को वापस न ला पाने को लेकर हर शनिवार को येरुशलम और तेल अवीव की सड़कों पर हजारों लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. विपक्षी पार्टियों के नेता तो पहले से नेतन्याहू की नीतियों पर सवाल उठा रहे थे अब उनकी गठबंधन सरकार से बागी सुर सुनाई देने लगे हैं.
फिलिस्तीनी राज्य को लेकर बोली थी ये बात
अरब देशों और अमेरिका की ओर से बढ़ते शांति के दबाव पर गैंट्ज ने कहा था कि इजराइल के पास अपनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी है. हम किसी भी बाहरी शक्ति, चाहे वह दोस्त हो या दुश्मन हो उसको हम अपने ऊपर फिलिस्तीनी राज्य थोपने की इजाजत नहीं देंगे.