पिछले दो महीनो से भटक रही बाघिन पहुंची मरही माता मंदिर…- भारत संपर्क

यूनुस मेमन
पिछले 2 महीने से लगातार अपना ठिकाना बदल रही बाघिन ने वन विभाग के अफसरो को चिंता में डाल दिया है। इस बाघिन को चिरमिरी के जंगल से अचानकमार टाइगर रिजर्व में लाकर छोड़ गया था, लेकिन लगता है उसे यह जंगल रास नहीं आया और वह दूसरे दिन से ही जंगल के बाहर निकल कर इधर-उधर भटकने लगी है । अच्छी बात यह है कि उसके गले में रेडियो कॉलर लगा हुआ है, जिस कारण उसके एक-एक मूवमेंट की खबर वन विभाग के अफसरो को मिल रही है।

बताया जा रहा है कि इस वक्त वह बिलासपुर वन मंडल के बेलगहना परिक्षेत्र स्थित भनवारटंक मरही माता मंदिर के आसपास घूम रही है। इससे वन विभाग की चिंताएं बढ़ गई है ।असल में ठंड के इस मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक मरही माता मंदिर में दर्शन और आसपास पिकनिक बनाने जाते हैं। यहां बलि देकर उसका प्रसाद पका कर खाया जाता है। जाहिर है इतनी बड़ी संख्या में लोगों के वहां होने से और वहां मांस की मौजूदगी से बाघिन के आकर्षित होकर वहां पहुंचने की आशंका है, इसलिए वन विभाग की टीम लोगों को चेतावनी दे रही है कि वे इन दिनों मरही माता मंदिर न जाए।

रविवार का दिन वन विभाग के लिए विशेष निगरानी भरा दिन रहा, क्योंकि इस दिन हजारों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु मरही माता मंदिर के आसपास पहुंचते हैं। मरही माता मंदिर पहुंचने का पहुंच मार्ग भी जंगल से होकर गुजरता है और यहां जंगल के बीच ही लोग पिकनिक मनाते हैं, जिस कारण से खतरा और बढ़ गया है। वन विभाग के अफसरो का कहना है कि पिछले दो महीनो से बाघिन लगातार जंगल के अंदर अपना ठिकाना बदल रही है। कभी वह गांव में घुस जाती है तो कभी जंगल के एक छोर से दूसरे छोर पहुंच जाती है। हालांकि अभी तक उसने किसी इंसान पर हमला नहीं किया है लेकिन वन विभाग की चिंता है कि भविष्य में भी ऐसी कोई घटना ना हो जिससे कि बाघिन नरभक्षी बन जाए। वन विभाग चाहता है कि बाघिन को किसी सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाया जाए लेकिन फिलहाल उसकी आजादी पर किसी तरह की बंदिश लगाने की भी कोशिश नहीं हो रही है।
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