बिहार निवासी दो शातिर अपराधियों ने एसबीआई के एटीएम मशीन में…- भारत संपर्क


अन्य प्रदेशों से बिलासपुर पहुंचकर यहां एटीएम मशीन में पट्टी फंसा कर रुपए लूटने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। खास बात यह है कि इस तरह के अपराधी लगातार एसबीआई के एटीएम को ही निशाना बना रहे हैं। हेमू नगर में रहने वाले वीरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ट्रांजैक्शन सॉल्यूशन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में काम करते हैं, जो बिलासपुर के एसबीआई के एटीएम मशीन का रखरखाव करती है। 7 अगस्त को कंपनी को सूचना मिली थी कि गांधी चौक एसबीआई एटीएम में कोई समस्या है और पैसे नहीं निकल रहे। जब कर्मचारी जांच करने पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज को देखा तो पाया कि कोई अज्ञात व्यक्ति एटीएम मशीन के शटर बॉक्स में पट्टी लगाकर पैसे निकाल रहा है। जांच में पता चला कि उसके द्वारा एटीएम मशीन से 12,700 रु निकाले गए हैं, तो वही एटीएम मशीन में काले रंग का एक पट्टी लगा हुआ और दूसरे पट्टी लगने का निशान मिला। कैमरे में सुबह 9:00 बजे दो लोग सेटअप बॉक्स में पट्टी लगाते दिखाई दिए।
पुलिस को पता था कि इस तरह के अपराधी घटना को अंजाम देकर सड़क या रेल मार्ग से भागते हैं, इसलिए पुलिस की एक टीम रेलवे स्टेशन पहुंच गई, जहां सीसीटीवी में नजर आने वाले संदिग्ध बिहार निवासी राहुल कुमार और विपिन बिहारी शरण पुलिस के हाथ लगे, जिन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, उनके पास से चोरी की रकम 12,700 रु और काला पट्टी बरामद किया गया है।
इससे पहले भी इस तरह के दो आरोपी पकड़े गए हैं जिन्होंने शहर के अलग-अलग क्षेत्र में लगे एसबीआई के एटीएम को निशाना बनाया था। पता चला कि इस तरह के अपराधी पूरी रात ट्रेन से सफर कर बिलासपुर पहुंचते हैं और दिनभर घटना को अंजाम देने के बाद शाम को लौट जाते हैं। इस तरह से वे अपनी पहचान छुपाने में कामयाब होते हैं, लेकिन इस तरह के अपराधी बार-बार सीसीटीवी की वजह से पकड़े जा रहे हैं, तो वहीं इस तरह के अपराध के पीछे मुख्य वजह यह है कि आजकल मैनपॉवर महंगा हो जाने से किसी भी एटीएम में गार्ड की व्यवस्था नहीं है, जिसका लाभ इस तरह के अपराधी उठा रहे हैं।