केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम… – भारत संपर्क न्यूज़ …

बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने के लिए, यहाँ की परंपरा, संस्कृति और कला को पूरे विश्व तक पहुँचाने का काम मोदी सरकार कर रही है
‘बस्तर पंडुम’ उत्सव को अगले वर्ष मोदी सरकार 12 श्रेणियों में मनाएगी, और देशभर के आदिवासी कलाकार इसमें शामिल होंगे।
नक्सली बस्तर का विकास नहीं रोक सकते, बस्तर अब भय नहीं, बल्कि भविष्य का पर्याय बन चुका है
जहाँ गोलियों की गूँज थी, वहाँ अब स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं, जहाँ सड़क बनाना सपना था, वहाँ राजमार्ग बन रहे हैं
विकास के सपनों को सच करने के लिए सभी निष्ठापूर्वक और निर्भीक होकर प्रयास करें, मोदी जी के शासन में किसी को डरने की ज़रूरत नहीं है
अब बस्तर नक्सलवाद की जगह विकास, विश्वास और विजय की लौ के साथ आगे बढ़ रहा है
अपने गाँव से सभी नक्सलियों को सरेंडर करवाने वाले गाँव को छत्तीसगढ़ सरकार ‘नक्सलवाद मुक्त’ घोषित कर एक करोड़ रुपये की विकास राशि देगी
सुकमा से कोई सब-इंस्पेक्टर, बस्तर से बैरिस्टर, दंतेवाड़ा से डॉक्टर और कांकेर से कलेक्टर बने – ऐसे ही बस्तर का निर्माण किया जा रहा है
मोदी सरकार मार्च 2026 तक पूरे देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने के प्रति कटिबद्ध है
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव ने जनजातियों के जल, जंगल, जमीन और संस्कृति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि यहां एक प्रजावत्सल राजा के रूप में उनकी लोकप्रियता तत्कालीन सरकार को सहन नहीं हुई और साज़िश के तहत उनकी हत्या कर दी गई थी। श्री शाह ने कहा कि आज जब पूरा बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने की कगार पर है और विकास के रास्ते पर चल चुका है, तब प्रवीर चंद्र जी की आत्मा जहां भी होगी बस्तरवासियों को अपना आशीर्वाद दे रही होगी।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अगले साल से बस्तर पंडुम के दौरान देश के हर आदिवासी ज़िले से कलाकारों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ख्याति दिलाने के लिए सभी देशों के राजदूतों को बस्तर का भ्रमण करवाकर यहां की परंपरा, संस्कृति और कला को पूरे विश्व तक पहुंचाने का काम मोदी सरकार कर रही है। श्री शाह ने कहा कि 1885 ग्राम पंचायतों, 12 नगर पंचायतों, 8 नगर परिषदों, एक नगरपालिका और 32 जनपदों के 47 हज़ार कलाकारों ने इस उत्सव में भाग लिया है। ज़िला प्रशासन और संस्कृति विभाग ने बस्तर पंडुम के लिए 5 करोड़ रूपए का आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि यह पंडुम स्थानीय और पारंपरिक कला, संस्कृति, शिल्पकला, तीज-त्यौहार, खानपान, बोली, भाषा, रीति रिवाज़, वेशभूषा, आभूषण, पारंपरिक गीत-संगीत और व्यंजन को मूल रूप में संवर्धित और संरक्षित करने का काम करेगा।
गृह मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं हमारे बस्तर का युवा सबसे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करे, विश्व के युवाओं के साथ हर मंच पर प्रतिस्पर्धा करे और दुनियाभर की समृद्धि प्राप्त करे लेकिन अपनी संस्कृति, भाषा, परंपराओं को कभी न भूले। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति, बोलियां, वाद्य यंत्र और भोजन सिर्फ छत्तीसगढ़ नहीं बल्कि पूरे भारत की संस्कृति का गहना हैं और हमें इसे संजोकर रखना है। श्री शाह ने कहा कि सात श्रेणियों में मनाए जा रहे बस्तर पंडुम उत्सव को अगले वर्ष 12 श्रेणियों में मनाया जाएगा और देशभर के आदिवासी इसमें शामिल होंगे। गृह मंत्री ने कहा कि भारत की ताकत अनेकता में एकता, अनेक प्रकार की संस्कृतियों, कलाओं, परंपराओं, भाषाओं, बोलियों और व्यंजनों का समागम है। उन्होने कहा कि हम दुनिया के साथ हर स्पर्धा में खड़े रहेंगे लेकिन हमारी संस्कृति और अन्य धरोहर को संरक्षित भी करेंगे और बस्तर पंडुम इसकी शुरूआत है।