सी.एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिलासपुर में महिला…- भारत संपर्क


महाविद्यालय परिसर में आज महिला स्वास्थ्य कैंप एवं कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अपोलो हॉस्पिटल्स बिलासपुर एवं सी.एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अध्यापकों एवं स्थानीय महिलाओं ने भाग लेकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि शर्मा, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, अपोलो हॉस्पिटल्स बिलासपुर रहीं। उन्होंने महिला स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों, समय पर जांच की आवश्यकता तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि – “कैंसर को मौन में नहीं हराया जा सकता, इसके लिए समय समय पर जागरूकता और चिकित्सा परामर्श आवश्यक है।”
इस अवसर पर महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि महिला स्वास्थ्य एवं कैंसर जागरूकता आज के समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने महाविद्यालय परिवार की ओर से ऐसे सार्थक कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन हेतु
संकल्प व्यक्त किया।

गर्वनिंग बॉडी की सदस्या श्रीमती श्रद्धा दुबे ने अपने उद्बोधन में महिला वर्ग को जागरूक होने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और समय-समय पर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श लें।
प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने महाविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्रों से अपील करते हुए कहा की वे इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से प्राप्त ज्ञान को समाज तक पहुँचाएँ।
“यूनिफाइड टू नोटिफाई” के स्लोगन को मध्यनज़र रखते हुए कैंसर जागरूकता के उद्देश्य से ‘सेल्फ एग्जामिनर हैंडबुक’ का विमोचन किया गया। आज कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है समय पर पहचान और नियमित स्वास्थ्य जांच।कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि हर व्यक्ति को स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए और प्रारंभिक लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ‘सेल्फ एग्जामिनर हैंडबुक’ इसी दिशा में एक सार्थक पहल है, जो आमजन को सरल भाषा और व्यावहारिक तरीकों से स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित करेगी।
विमोचन अवसर पर उपस्थित विशेषज्ञों ने कहा कि यदि समाज एकजुट होकर “यूनिफाइड टू नोटिफाई” के भाव को अपनाए, तो कैंसर पर नियंत्रण और उससे होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्राध्यापक सुमेला चैटर्जी ने किया तथा अंत में आभार प्रस्तुत किया ।
यह आयोजन न केवल महिला स्वास्थ्य और कैंसर जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ बल्कि इससे उपस्थित जनसमुदाय को स्वास्थ्य संबंधी कई उपयोगी जानकारियाँ भी प्राप्त हुईं। आज की इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ अंजलि चतुर्वेदी पूनम खन्ना यशस्वी मिश्रा पियाली दत्ता नीलू कश्यप अंकित शर्मा गुलाब पाठक संगीता ताम्रकार सुमेला चटर्जी का योगदान रहा उक्त कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही