छत्तीसगढ़ में बुखार के इलाज में लगाया आर्टीसुनेट इंजेक्शन, 26 वर्षीय युवक की मौत
छत्तीसगढ़ में बुखार के इलाज में लगाया आर्टीसुनेट इंजेक्शन। ()HighLights
- इलाज के बाद 26 वर्षीय डिगने यादव की मौत हुई।
- परिजनों ने निजी क्लीनिक पर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए।
- आर्टीसुनेट इंजेक्शन और दवाओं की डोज जांचने की मांग।
न्यूज, गरियाबंद : मैनपुर ब्लॉक के ग्राम सराईपानी निवासी 26 वर्षीय डिगने यादव की जन्माष्टमी के दिन इलाज के दौरान हुई मौत के बाद निजी क्लीनिक में उपचार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने अमलीपदर स्थित निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच के लिए टीम गठित करने की बात कही है।
ये है पूरा मामला
- परिजनों के अनुसार, डिगने यादव को बुखार की शिकायत थी। इसके बाद उसे उपचार के लिए अमलीपदर स्थित निजी क्लीनिक ले जाया गया। परिवार का दावा है कि वहां दवाओं के साथ आर्टीसुनेट इंजेक्शन दिया गया।
- परिजनों के अनुसार, इंजेक्शन की कई डोज दिए जाने के बाद डिगने की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे सरकारी अस्पताल अमलीपदर ले जाया गया, जहां से देवभोग रेफर किए जाने की बात परिजनों ने बताई है। इसके बाद डिगने को आगे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन जन्माष्टमी के दिन उसकी मौत हो गई।
दवाओं और इलाज की प्रक्रिया की जांच की मांग
- परिजनों ने मांग की है कि निजी क्लीनिक में डिगने को कौन-कौन सी दवाएं दी गईं, आर्टीसुनेट इंजेक्शन किस चिकित्सकीय आधार पर दिया गया और उसकी कितनी डोज दी गई, इसकी जांच की जाए। साथ ही तबीयत बिगड़ने के बाद तत्काल कौन से चिकित्सा कदम उठाए गए, इसकी भी जानकारी जुटाने की मांग की गई है।
जांच के लिए टीम गठित होगी : सीएमएचओ
सीएमएचओ यूएस नवरत्ने ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और अन्य माध्यमों से शिकायत भी प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसके लिए टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल युवक की मौत की वास्तविक वजह और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
डॉक्टर ने आरोपों को बताया निराधार
मामले में संबंधित डॉक्टर मनीष सिन्हा से पक्ष लिया गया। उन्होंने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके द्वारा किसी प्रकार का गलत इलाज नहीं किया गया है। उन्होंने परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
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