बिलासपुर में ब्राउन शुगर, इंजेक्शन और 1,989 सिरप, 302 किलो गांजा और 11 हजार टैबलेट पर चला पुलिस का रोलर

HighLights
- बिलासपुर में 61 मामलों में जब्त नशीले पदार्थ किए गए नष्ट।
- 302 किलो गांजा, 9600+ इंजेक्शन व 11600 टैबलेट भस्म।
- एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में कोनी में हुई कार्रवाई।
, बिलासपुर: बिलासपुर जिले में नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के साथ ही बिलासपुर पुलिस ने जब्त मादक पदार्थों के विधिवत विनष्टीकरण की प्रक्रिया सफलता पूर्वक पूरी की है। छत्तीसगढ़ शासन के स्पष्ट निर्देशों का पालन करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत विभिन्न मामलों में जब्त मादक पदार्थों को पूरी पारदर्शिता और निर्धारित कानूनी मापदंडों के तहत नष्ट किया गया।
यह बड़ी कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की प्रत्यक्ष उपस्थिति और निर्देशन में संपन्न हुई, ताकि जब्त माल के किसी भी तरह के दुरुपयोग की आशंका को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।
प्राप्त विवरण के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति की निगरानी में कोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित ‘सुधा बायो पावर प्राइवेट लिमिटेड’ की विशाल भट्ठी में जब्त नशे की सामग्री को भस्म किया गया। कुल 61 प्रकरणों से जुड़ी नशीली सामग्रियों को भट्ठी में जलाकर तथा रोलर चलाकर पूरी तरह नष्ट किया गया। नष्ट की गई सामग्री में 302 किलोग्राम 642 ग्राम अवैध गांजा, 1,989 शीशी नशीला सिरप, 2.9 ग्राम ब्राउन शुगर, 9,641 नशीले इंजेक्शन व एम्पुल, 9.38 ग्राम चरस, 248 कैप्सूल तथा 11,610 प्रतिबंधात्मक टैबलेट शामिल हैं।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एसएसपी रजनेश सिंह के अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, सहायक आबकारी आयुक्त नवनीत तिवारी, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी और पंचान विशेष रूप से उपस्थित रहे। बिलासपुर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबारियों और अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ समानांतर रूप से कठोर अभियान जारी रहेगा। यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर नशीले पदार्थों के डिस्पोजल एवं एनडीपीएस मामलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है।
ड्रग डिस्पोजल कमेटी, भट्ठी में दहन, रोलर से नष्टीकरण और पुलिस का संदेश
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समिति का गठन व निरीक्षण: नियमानुसार जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति ने 61 प्रकरणों के मालखाना रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन किया।
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कोनी प्लांट में हुआ दहन: 8 अक्टूबर को कोनी स्थित सुधा बायो पावर प्लांट की भट्ठी में उच्च तापमान पर मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।
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रोलर चलाकर सिरप व इंजेक्शन नष्ट: शीशियों, एम्पुल व टैबलेट्स को पर्यावरण अनुकूल प्रक्रिया के तहत रोलर से कुचलकर पूरी तरह खत्म किया गया।
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दुरुपयोग रोकने का कड़ा संदेश: एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि जब्त नशे के दोबारा इस्तेमाल को रोकने के लिए नियमित निस्तारण जारी रहेगा।
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