बिलासपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण की रफ्तार सुस्त, 69 प्रतिशत आवेदन फाइलों में अटके सत्यापन पर सवाल
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- बिलासपुर में 69% मतदाता आवेदन पेंडिंग।
- फॉर्म-6 के 16,100 मामले जांच में अटके।
- कोटा विधानसभा में सबसे ज्यादा 91% पेंडेंसी।
, बिलासपुरः मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से उलट नजर आ रही हैं। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी निर्वाचन अमला प्राप्त आवेदनों में से महज 31 फीसदी का ही निपटारा कर सका हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों से कुल 26,261 फार्म जमा हुए थे, जिनमें से 18,103 आवेदन अब भी टेबल दर टेबल सत्यापन के फेर में अटके पड़े हैं। नाम जुड़वाने, कटवाने और संशोधन की प्रक्रिया कछुआ चाल से चल रही हैं, उससे समय पर मतदाता सूची के त्रुटिरहित प्रकाशन पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
विभाग को प्राप्त आवेदनों में सबसे बड़ा हिस्सा नए वोटरों का हैं, जो पहली बार लोकतंत्र के महापर्व का हिस्सा बनने के लिए फार्म-6 भरकर इंतजार कर रहे हैं। जिलेभर से फार्म-6 के कुल 22,710 आवेदन आए, लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ 6,610 का ही निराकरण हो सका हैं। शेष 16,100 युवाओं के आवेदन ईआरओ और बीएलओ स्तर पर जांच के दायरे में हैं। यदि समय रहते भौतिक सत्यापन नहीं हुआ, तो बड़ी संख्या में पात्र युवाओं के नाम मतदाता सूची में जुड़ने से रह सकते हैं।
मस्तूरी और कोटा में काम का दबाव सबसे ज्यादा
विधानसभावार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक सजगता अधिक दिखाई देती हैं, लेकिन प्रशासनिक मशीनरी उसी अनुपात में तेजी नहीं दिखा पाई।
मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक 8,309 आवेदन आए थे। हालांकि यहां 3,409 फार्म निपटाए भी गए, फिर भी 4,900 फार्म अब भी पेंडिंग हैं। इसी तरह कोटा विधानसभा क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक हैं; यहां आए 5,132 आवेदनों में से सिर्फ 448 का निराकरण हुआ हैं, जबकि 4,684 फार्म ठंडे बस्ते में पड़े हैं।
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बिलासपुर में 1601 तो बेलतरा में 2546 लंबित
अर्द्ध-शहरी इलाकों में भी तस्वीर जुदा नहीं हैं। बिलासपुर शहर विधानसभा में 3,010 आवेदन मिले, जिनमें से 1,409 का निराकरण हुआ और 1,601 अभी लंबित हैं। बेलतरा में स्थिति और भी खराब हैं, जहां 3,356 आवेदनों में से 2,546 फार्म सत्यापन की राह देख रहे हैं। तखतपुर में 2,581 और बिल्हा में 1,791 फार्मों पर अंतिम मुहर लगना बाकी हैं।
विधानसभावार रिपोर्ट कार्ड
विधानसभा – कुल प्राप्त फार्म – निराकृत फार्म – लंबित फार्म – पेंडेंसी प्रतिशत
कोटा – 5,132 – 448 – 4,684 – 91.2%
तखतपुर – 3,562 – 981 – 2,581 – 72.4%
बिल्हा – 2,892 – 1,101 – 1,791 – 61.9%
बिलासपुर – 3,010 – 1,409 – 1,601 – 53.1%
बेलतरा – 3,356 – 810 – 2,546 – 75.8%
मस्तूरी – 8,309 – 3,409 – 4,900 – 58.9%
डिजिटाइजेशन और फील्ड वेरिफिकेशन के बीच फंसा पेच विभागीय सूत्रों की मानें तो देरी की मुख्य वजह बीएलओ द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन में की जा रही लेटलतीफी और सर्वर की धीमी गति हैं। एक नवंबर को एक ही दिन में जिलेभर के ईआरओ केंद्रों में 388 नए फार्म डिजिटाइज किए गए।
कर्मचारियों का कहना है कि घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने और पोर्टल पर आनलाइन एंट्री के दोहरे काम के चलते आवेदनों का बैकलाग बढ़ता जा रहा है।
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