बिलासपुर से कोलकाता उड़ान पर संकट: समय बदलने से 764 यात्री घटे, अब बंद करने की तैयारी
बिलासपुर-कोलकाता हवाई सेवा बंद करने पर विवाद गहराया (फाइल फोटो)HighLights
- दोपहर की उड़ान और अंबिकापुर पड़ाव से बढ़ा समय
- समिति ने सीएम विष्णु देव साय से हस्तक्षेप मांगा
- बिलासपुर-भोपाल, इंदौर, जबलपुर उड़ानें पहले ही बंद
, बिलासपुर। बिलासपुर-कोलकाता हवाई सेवा (Bilaspur Kolkata Flight Row) को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने सेवा बंद किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे बिलासपुर के हितों के साथ अन्याय बताया है। समिति ने राज्य विमानन निदेशालय द्वारा एलायंस एयर को सेवा बंद करने के निर्देश दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
समय बदला तो घटे यात्री
समिति का आरोप है कि अप्रैल में उड़ान का समय बदलकर अंबिकापुर से जोड़ने के बाद यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई और अब इसी आंकड़े को सेवा बंद करने का आधार बनाया जा रहा है। समिति के अनुसार दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच बिलासपुर से कोलकाता के बीच संचालित 33 उड़ानों में 1335 यात्रियों ने सफर किया था। यह अवधि सीधी और सुबह की उड़ान वाली थी।
इसके बाद राज्य शासन के प्रस्ताव पर उड़ान का समय सुबह से बदलकर दोपहर कर दिया गया और इसे अंबिकापुर होकर संचालित किया जाने लगा। समिति का कहना है कि इससे यात्रा अवधि करीब चार घंटे हो गई। अंबिकापुर से अपेक्षाकृत कम यात्री मिलने के बावजूद यह व्यवस्था जारी रही।
764 यात्रियों की गिरावट का आंकड़ा
समिति ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान 33 उड़ानों में केवल 571 यात्रियों ने कोलकाता की यात्रा की। यानी पिछले आंकड़े की तुलना में 764 यात्री कम हुए। समिति का आरोप है कि अब इसी कम यात्री संख्या को आधार बनाकर राज्य विमानन निदेशालय ने एलायंस एयर को सेवा बंद करने के निर्देश दिए हैं।
समय बदला तो बदली यात्रियों की तस्वीर
समिति ने यात्रियों के आंकड़ों के जरिए सेवा संचालन के तरीके पर सवाल उठाया है। दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक 33 उड़ानों में 1335 यात्रियों का सफर और अप्रैल से अगस्त तक समान संख्या की उड़ानों में 571 यात्रियों का आंकड़ा सामने रखा गया है। समिति का तर्क है कि दोनों अवधियों के बीच अंतर केवल मांग का नहीं, बल्कि उड़ान के समय और अंबिकापुर पड़ाव का भी है। इसी आधार पर वह पहले की व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रही है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
समिति ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही सुबह के समय सीधी उड़ान बहाल करने की मांग दोहराई है। समिति का कहना है कि यदि सुबह की सीधी सेवा बहाल की जाती है तो यात्री संख्या फिर बढ़ेगी।
बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी पर बहस
समिति ने कहा कि बिलासपुर से देश के अलग-अलग हिस्सों तक सीधी हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करना जरूरी है। समिति के अनुसार पहले बिलासपुर-भोपाल और बिलासपुर-इंदौर उड़ानें बंद हो चुकी हैं, जबकि बिलासपुर-जबलपुर सेवा भी समाप्त हो गई। बिलासपुर-प्रयागराज उड़ान को सप्ताह में एक दिन किए जाने का भी समिति ने उल्लेख किया। उसका कहना है कि बिलासपुर से देश की चारों दिशाओं में कम से कम एक-एक महानगर के लिए सीधी उड़ान उपलब्ध होनी चाहिए।
आंकड़ों के बीच सामने आया दूसरा पक्ष
उपलब्ध सार्वजनिक उड़ान कार्यक्रम में सितंबर 2026 के दौरान एलायंस एयर की बिलासपुर-कोलकाता सेवा के सीधे संचालन का उल्लेख है। एक उड़ान कार्यक्रम में 19 सितंबर की सेवा भी सूचीबद्ध है, जबकि अन्य शेड्यूल में सितंबर के बाद भी इस मार्ग पर उड़ानों का उल्लेख मिलता है। ऐसे में सेवा बंद होने की स्थिति पर अंतिम तस्वीर के लिए एयरलाइन अथवा अधिकृत विमानन विभाग की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
Leave a Reply