CG वालों के लिए खुशखबरी, अब जशपुर से रायपुर की दूरी होगी कम, भारतमाला प्रोजेक्ट से 14 घंटे का सफर होगा 6 घंटे में पूरा
जशपुर में आकार ले रही भारतमाला परियोजना HighLights
- रायपुर का सफर होगा 6 घंटे में पूरा
- व्यापार, कृषि और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
- लोहरदगा से धरमजयगढ़ रेल लाइन को मंजूरी
, जशपुरनगर। जशपुर जिले में महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना अब आकार लेने लगी है। इस सड़क के निर्माण के पूरा होने पर जशपुर से राजधानी रायपुर का सफर महज 5 से 6 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। इससे जिले का सड़क संपर्क रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और पड़ोसी राज्य झारखंड से बेहतर होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से केंद्र सरकार की यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
निर्माणाधीन कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 707 किलोमीटर है, जिसमें करीब 104 किलोमीटर सड़क जशपुर जिले से होकर गुजरेगी। इससे रायपुर और धनबाद के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। पत्थलगांव, जशपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। बेहतर संपर्क से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राजधानी तक पहुंचना होगा आसान
वर्तमान में जशपुर से रायपुर पहुंचने में यात्रियों को लंबा समय लगता है। करीब 14 घंटे का सफर तय करना पड़ता है। Economic Corridor बनने से संपर्क और मार्ग की परिस्थितियों के आधार पर यात्रा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी। उपलब्ध परियोजना जानकारी के अनुसार यात्रा समय लगभग 14 घंटे से घटाकर 8 से 9 घंटे करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं जशपुर से रायपुर का सफर 5 से 6 घंटे में पूरा होने की संभावना जताई गई है।
इससे न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि मरीजों, छात्रों और व्यापारियों के लिए भी राजधानी तक पहुंचना आसान होगा।
व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
बेहतर सड़क नेटवर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, व्यापारियों को माल परिवहन और आम नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य जरूरी सेवाओं के लिए बड़े शहरों तक जाने में सुविधा हो सकती है। यह संपर्क पत्थलगांव और जशपुर क्षेत्र में औद्योगिक, व्यावसायिक तथा पर्यटन गतिविधियों के विस्तार में भी सहायक होगा।
परियोजना में यातायात को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अंडरपास, वाहन अंडरपास और वन्यजीवों की आवाजाही के अनुकूल संरचनाओं का प्रावधान किया गया है। इन सुविधाओं का उद्देश्य सड़क यातायात को सुचारु रखने के साथ स्थानीय आवागमन और वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखना है।
तीन साल में जिले ने छुई विकास की नई ऊंचाई
बीते लगभग तीन साल में जशपुर जिले में बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिली है। भारतमाला परियोजना के साथ कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण भी तेज गति से शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयास से केंद्र सरकार ने लोहरदगा से धरमजयगढ़ तक रेल लाइन निर्माण को स्वीकृति देकर केंद्रीय गजट में प्रकाशित किया है। जिलेवासी दशकों से इस रेल लाइन की मांग कर रहे थे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और स्टेट हाईवे का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से जशपुर जिला विकास के नए मुकाम पर पहुंचेगा और झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी का अहम केंद्र बनेगा।
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