छत्तीसगढ़ वालों के लिए खुशखबरी, बालोद-गरियाबंद से रायगढ़-कोरबा तक 8 जिलों के करीब 4,500 गांवों में पहुंचेगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूसरा चरण तैयार HighLights
- दूसरे चरण में आठ नए जिलों को योजना में शामिल किया
- करीब 14.57 लाख लोगों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा
- 4,368 गांवों को दिसंबर तक बस सेवा मिलने की उम्मीद
राज्य ब्यूरो, , रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को और व्यापक बनाने की तैयारी है। योजना के दूसरे चरण में आठ नए जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों में आने वाले 85 आदिवासी विकासखंडों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इन क्षेत्रों में फिलहाल नियमित बस सुविधा से वंचित 4,368 गांवों को योजना के दायरे में लाने की तैयारी है।
सरकार को उम्मीद है कि इन गांवों में दिसंबर तक बस सेवा शुरू हो सकती है। योजना के विस्तार से लगभग 14.57 लाख लोगों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलने की संभावना है। दूसरे चरण के तहत 60 से 80 बसों के संचालन का प्रस्ताव है।
इन आठ जिलों में पहुंचेगी बस सेवा
दूसरे चरण में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बालोद, गरियाबंद, गौरेला-प में 34 मार्गों पर बस सेवा शुरू की गई थी और करीब 250 गांवों को इससे जोड़ा गया था। एक वर्ष के भीतर योजना का विस्तार हुआ और अब 106 चयनित मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों केेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, कोरबा और धमतरी जिले शामिल हैं। इन जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों में आने वाले गांवों को नियमित यात्री बस सुविधा से जोड़ने की योजना है।
यह विस्तार ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने के लिए परिवहन के सीमित साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
एक साल में 850 गांवों तक पहुंची बस
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की शुरुआत चार अक्टूबर 2025 को जगदलपुर से हुई थी। योजना का शुभारंभ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में किया था।
शुरुआत में 34 मार्गों पर बस सेवा शुरू की गई थी और करीब 250 गांवों को इससे जोड़ा गया था। एक वर्ष के भीतर योजना का विस्तार हुआ और अब 106 चयनित मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों के माध्यम से 850 ऐसे गांवों तक नियमित यात्री बस सेवा पहुंची है, जहां पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
5,300 किलोमीटर के मार्गों पर संचालन
एक वर्ष में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की बसों ने करीब 24 लाख किलोमीटर की दूरी तय की है। वर्तमान में बसें प्रतिदिन लगभग 17,500 किलोमीटर चल रही हैं। योजना के तहत अधिसूचित मार्गों की कुल लंबाई करीब 5,300 किलोमीटर है।
इन मार्गों की लंबाई 14 किलोमीटर से 105 किलोमीटर तक है। अधिकांश मार्गों पर रोजाना दो ट्रिप संचालित की जा रही हैं। इससे ग्रामीणगुजा जिले के 8 मार्गों पर 8 बसें, सूरजपुर के 10 मार्गों पर 9, बलरामपुर के 7 मार्गों पर 7, जशपुर के 16 मार्गों पर 16, कोरिया के 6 मार्गों पर 6 और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के क्षेत्रों के लोगों को जिला और ब्लाक मुख्यालय समेत दूसरे जरूरी स्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिल रही है।
बस्तर और सरगुजा संभाग में 107 बसें
योजना के प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को शामिल किया गया है। बस्तर संभाग में 51 मार्गों पर 50 बसें और सरगुजा संभाग में 55 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं। बस्तर संभाग में सुकमा जिले के 8 मार्गों पर 9 बसें, दंतेवाड़ा के 7 मार्गों पर 7, बीजापुर के 11 मार्गों पर 11, नारायणपुर के 4 मार्गों पर 4, बस्तर के 5 मार्गों पर 5, कांकेर के 12 मार्गों पर 12 और कोंडागांव के 8 मार्गों पर 9 बसें चल रही हैं।
वहीं सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले के 8 मार्गों पर 8 बसें, सूरजपुर के 10 मार्गों पर 9, बलरामपुर के 7 मार्गों पर 7, जशपुर के 16 मार्गों पर 16, कोरिया के 6 मार्गों पर 6 और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के 4 मार्गों पर 4 बसें संचालित हैं।
कोंटा-जगरगुंडा मार्ग से बदली तस्वीर
कोंटा से जगरगुंडा के लगभग 83 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पहले ग्रामीण परिवहन के सीमित साधनों पर निर्भर थे। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत इस मार्ग पर बस सेवा शुरू होने के बाद ग्रामीणों के लिए आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम हुआ है।
मुख्यधारा से जोड़ रही योजना: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना के एक वर्ष पूरे होने पर कहा कि सुदूर गांवों में रहने वाले नागरिकों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक सहज पहुंच का समान अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना इसी सोच को जमीन पर लागू कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले नियमित यात्री बस नहीं पहुंचती थी, वहां अब ग्रामीण तय समय पर सुरक्षित बसों से स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लाक और जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बताया।
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