छत्तीसगढ़ में रेलवे की बड़ी उपलब्धि, 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने की तैयारी, 166 किमी पूरी हुई सेफ्टी फेंसिंग

फेंसिंग के जरिए पटरियों के दोनों ओर सुरक्षित कॉरिडोर तैयार हो रहा है।
HighLights
- हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए तैयार हो रहा रायपुर रेल मंडल
- बिलासपुर-दुर्ग सेक्शन में 166 किमी पूरी हुई फेंसिंग
- रेल हादसों और मवेशियों के आने पर रुकेगी आफत
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रेल यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रायपुर रेल मंडल द्वारा पटरियों के किनारे सुरक्षा घेरा (सेफ्टी फेंसिंग) बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ट्रेन हादसों को रोकना और पटरियों पर होने वाले अनधिकृत प्रवेश पर लगाम कसना है।
अब तक 165.9 किलोमीटर का कार्य पूरा
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर-दुर्ग रेल सेक्शन के बीच कुल 273 किलोमीटर के दायरे में सेफ्टी फेंसिंग किए जाने का प्रविधान तय किया गया है। इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अब तक 165.9 किलोमीटर (लगभग 166 किमी) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
इस फेंसिंग के जरिये पटरियों के दोनों ओर एक सुरक्षित और नियंत्रित कारिडोर तैयार हो रहा है, जिससे भविष्य की हाई-स्पीड रेल योजनाओं को बल मिल रहा है। रायपुर रेल मंडल इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहा है, ताकि यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
दुर्घटनाओं और मवेशियों के आने पर रोक
रेलवे ट्रैक के आसपास अनाधिकृत रूप से लोगों के प्रवेश को रोकने में यह फेंसिंग बेहद कारगर साबित हो रही है। इसके माध्यम से न केवल पैदल यात्रियों के ट्रैक पर भटकने की आशंका कम होती है, बल्कि मवेशियों व जंगली जानवरों के अचानक पटरियों पर आ जाने की घटनाओं पर भी रोक लगती है। इससे ट्रेन संचालन में होने वाले व्यवधान, रेलवे संपत्ति को नुकसान और गंभीर दुर्घटनाओं के जोखिम न्यूनतम हो जाते हैं।
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130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए जरूरी कदम
आने वाले समय में यात्री ट्रेनों की गति को बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने की योजना है। इस उच्च गति के संचालन के लिए सेफ्टी फेंसिंग एक अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। तेज रफ्तार ट्रेनों के सामने अचानक जानवरों के आ जाने से न केवल गंभीर हादसे की आशंका रहती है, बल्कि रेल परिचालन और कोचों को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
यात्रियों की सुरक्षा और सुगम रेल परिचालन रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रैक के आसपास सुरक्षा घेरा तैयार होने से न केवल हादसों पर लगाम लगेगी, बल्कि ट्रेनों के समय पालन और हाई-स्पीड संचालन के प्रोजेक्ट्स को भी बल मिलेगा।- शेख शमी उर रहमान, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे