ग्वालियर में अंडर-19 बालिका क्रिकेट टूर्नामेंट विवादों में घिरा, MPCA सदस्य हेमा राजनगांवकर ने लगाए गंभीर आरोप
राज्य स्तरीय बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता का विवादों के साथ आगाजHighLights
- अंपायरिंग और स्कोरिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
- डबरा की खिलाड़ी किरण के चयन पर बहस
- ग्वालियर ने नर्मदापुरम को 111 रन से हराया
स्पोर्ट्स डेस्क, ग्वालियर। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर की मेजबानी में शुक्रवार से शुरू हुई 70वीं राज्य स्तरीय शालेय बालिका अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता का पहला दिन विवादों में घिरा रहा। आयोजन में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) की सीनियर महिला टीम चयन समिति की सदस्य हेमा राजनगांवकर की कथित उपेक्षा, अनियमितता के आरोप और अंपायर-स्कोरर की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे।
डबरा की एक खिलाड़ी का नाम सूची में नहीं होने पर भी आयोजन समिति और जिला खेल विभाग के बीच बहस हुई। इन विवादों के बीच मैदान पर ग्वालियर की टीम ने नर्मदापुरम को 111 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
मंच के सामने बैठी रहीं, लेकिन आमंत्रित तक नहीं किया
एमपीसीए की सीनियर महिला टीम चयन समिति की सदस्य और खेल विभाग के साथ बालिका क्रिकेटरों को तैयार कर रहीं हेमा राजनगांवकर ने आयोजन समिति के सदस्य संदीप शर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अपने ही शहर में प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित होने के बावजूद उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित करना तो दूर, मंच पर बुलाने की जरूरत भी नहीं समझी गई। वह मंच के सामने बैठी रहीं, लेकिन उन्हें आमंत्रित तक नहीं किया गया।
दिखावे से ज्यादा काम पर भरोसा है: हेमा
हेमा ने कहा कि जब ग्वालियर में महिला क्रिकेट की इतनी बड़ी प्रतियोगिता हो रही है, तब उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाएगा तो आखिर कब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें दिखावे से ज्यादा काम पर भरोसा है और वह बालिका क्रिकेटरों को तैयार करने के अपने काम में जुटी रहेंगी।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर संभाग की शालेय टीम के कोच के संबंध में संदीप शर्मा से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि वह दिखाई ही नहीं देतीं। हेमा ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें अपनी पहचान बताने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने चाहिए या खिलाड़ियों को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमपीसीए जैसी प्रदेश की सर्वोच्च क्रिकेट संस्था में उन्हें जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन अपने ही शहर में उनकी भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है।
शुभांक्षी मुकरिया को कोच बनाने का दिया था प्रस्ताव
हेमा राजनगांवकर के अनुसार, उन्होंने ग्वालियर संभाग की टीम के कोच के रूप में सिंधिया कन्या विद्यालय की कोच शुभांक्षी मुकरिया का नाम भी सुझाया था, लेकिन उनके प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी। प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में शिक्षा विभाग के जितेंद्र यादव को कोच की जिम्मेदारी निभाते देखा गया। ग्वालियर की टीम में शुभांक्षी की चार शिष्य खिलाड़ी भी शामिल हैं।
अंपायरिंग और स्कोरिंग की व्यवस्था पर सवाल
प्रतियोगिता में अंपायरिंग और स्कोरिंग की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। भोपाल और जबलपुर के बीच हुए मुकाबले में विभागीय कर्मचारी कमल लोधी और आकाश लोधी (बाहरी) ने अंपायरिंग की, जबकि स्कोरिंग की जिम्मेदारी अर्पणा श्रीवास्तव ने निभाई।
सूत्रों के अनुसार, आयोजन समिति ने अंपायर और स्कोरर की व्यवस्था के लिए ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (GDCA) से चर्चा की थी। बताया जा रहा है कि जीडीसीए की ओर से स्पष्ट किया गया था कि संबंधित लोगों का भुगतान समय पर करना होगा।
प्रतियोगिता शुरू होने तक इस व्यवस्था पर सहमति नहीं बन सकी और आयोजन से जुड़े लोगों को ही यह जिम्मेदारी निभानी पड़ी। इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अनुभवी और योग्य अंपायरों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले से ठोस इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
डबरा की खिलाड़ी का नाम सूची में नहीं होने पर बहस
टीम चयन को लेकर भी विवाद सामने आया। जिला खेल विभाग के डबरा समन्वयक मुकेश बाथम ने आयोजन समिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सिंधिया कन्या विद्यालय की एक खिलाड़ी चयन ट्रायल में शामिल नहीं हुई थी, इसके बावजूद उसे मैच में खेलने का मौका दिया गया, जबकि डबरा की खिलाड़ी किरण का नाम टीम सूची में नहीं था।
इस मुद्दे पर आयोजन से जुड़े लोगों के बीच काफी देर तक बहस हुई। बताया जा रहा है कि मुकेश बाथम ने मामले की शिकायत उच्च स्तर पर करने की बात कही। इसके बाद शाम को किरण को टीम में शामिल कर लिया गया। हालांकि, चयन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर आयोजन समिति का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
ग्वालियर ने 111 रन से दर्ज की बड़ी जीत
विवादों के बीच कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में प्रतियोगिता के पहले दिन दो मुकाबले खेले गए। ग्वालियर ने नर्मदापुरम को 111 रन से हराकर शानदार शुरुआत की। पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्वालियर ने निर्धारित 15 ओवर में तीन विकेट पर 140 रन बनाए।
आदिति तिवारी ने 60 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि गौरी ने 41 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी नर्मदापुरम की टीम 9.5 ओवर में 31 रन पर सिमट गई। दिन के एक अन्य मुकाबले में भोपाल ने जबलपुर को हराकर विजयी आगाज किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया प्रतियोगिता का शुभारंभ
23 से 28 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने की। इस अवसर पर जीडीसीए सचिव विजय प्रकाश शर्मा, डीपीआई पर्यवेक्षक देवेश शर्मा और संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर हरिओम चतुर्वेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत सहायक संचालक खेल आरके सिंह, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय के कक्ष प्रभारी संदीप शर्मा और जिला क्रीड़ा प्रभारी सुनील साहू सहित अन्य अधिकारियों ने किया। कार्यक्रम का संचालन अर्चना सागर और सुनीता पाठक ने किया।
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