अकेले हार्दिक पंड्या नहीं हैं मुंबई इंडियंस की हार के मुजरिम, सिर्फ वही निश… – भारत संपर्क

हार्दिक पंड्या अकेले गुनहगार हैं क्या? (PC-PTI)
2024 सीजन में अभी मुंबई इंडियंस के 2 मैच बचे हैं. ये मैच 11 मई और 17 मई को खेले जाने हैं. वैसे तो आईपीएल का फाइनल 26 मई को खेला जाएगा. लेकिन मुंबई इंडियंस के लिए ये सीजन 17 मई को ही खत्म हो जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि मुंबई की टीम प्लेऑफ या कहें कि खिताब की रेस से बाहर हो चुकी है. ये दोनों मैच औपचारिकता भर हैं. अब ज्यादा से ज्यादा ये हो सकता है कि मुंबई की टीम अगले दोनों मैच जीतकर 12 प्वाइंट तक पहुंचे और प्वाइंट टेबल में आखिरी पायदान पर ‘फिनिश’ करने की जलालत से बच जाए. बावजूद इसके उसके खराब प्रदर्शन पर चर्चा होगी. इस चर्चा के होने में कोई दिक्कत नहीं है. दिक्कत इस बात में है कि एक बड़ा वर्ग इस चर्चा में सिर्फ हार्दिक पंड्या को दोषी ठहरा रहा है. जो बिल्कुल नाजायज है.
मुंबई इंडियंस की टीम में रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे बड़े भारतीय खिलाड़ी भी थे. उन्हें भी इस दुर्दशा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. इससे उलट जो खबरें आ रही हैं उसमें ऐसा कहा जा रहा है कि सीनियर खिलाड़ियों ने टीम के बाहर होने की वजह हार्दिक पंड्या की कप्तानी को बताया है. ये बात समझ से परे है कि अगर रोहित शर्मा-ईशान किशन मुंबई को अच्छी शुरुआत नहीं दिला पाए तो इसमें हार्दिक का क्या दोष? अगर सूर्यकुमार यादव सीजन के शुरुआती मैच में फिट नहीं हो पाए तो इसमें हार्दिक पंड्या का क्या दोष?
और भी ऐसे कई पहलू हैं जो मुंबई के खराब प्रदर्शन की वजह बने, लेकिन उसके लिए हार्दिक पंड्या का दोष देना ठीक नहीं है. हां, हार्दिक पंड्या की अपनी खुद की फॉर्म भी बहुत औसत रही जो हार की एक वजह है. हार्दिक पंड्या की आलोचना पहले भी कई मौकों पर हुई है लेकिन ये उन गिने चुने मौके में है जब आलोचना के पीछे फिटनेस नहीं फॉर्म है.
हार्दिक की तुलना करने में क्या गलती कर रहे हैं लोग?
मुंबई के खराब प्रदर्शन के पीछे हार्दिक पंड्या पर निशाना साध रहे लोग उनकी तुलना शिवम दुबे या नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों से कर रहे हैं. ये तुलना का खेल भी बड़ा अजीब है. हार्दिक जब नए नए आए थे तो कुछ ही पारियों के बाद उन्हें कपिल देव की तरह का ऑलराउंडर कहा जाने लगा था. वो तुलना गलत थी. लेकिन अब शिवम या नीतीश से भी उनकी तुलना गलत है. शिवम दुबे ने इस सीजन में सिर्फ एक ओवर गेंदबाजी की है. आईपीएल के इतिहास में उन्होंने सबसे ज्यादा गेंदबाजी 2020 में की थी. तब उन्होंने 11 मैच में 9 ओवर फेंके थे. यानी हर मैच में एक ओवर भी नहीं.
नीतीश कुमार रेड्डी अभी बहुत यंग हैं. पिछले दो साल से वो योजनाओं में हैं लेकिन हार्दिक पंड्या से उनकी तुलना ठीक नहीं है. इससे उलट हार्दिक पंड्या रेग्यूलर गेंदबाजी करते हैं. 2020 और 2021 सीजन को छोड़ दें तो उन्होंने हर सीजन में ठीक-ठाक गेंदबाजी की है. इस सीजन में भी वो अब तक 12 मैच में 31 ओवर फेंक चुके हैं. उनके खाते में 11 विकेट भी हैं. उनकी इकॉनमी 10.58 की है. हार्दिक पंड्या की तुलना बीच में विजय शंकर से भी की जाती थी. लेकिन वो तुलना भी कहीं नहीं टिक पाई.
हार्दिक पंड्या कप्तान को क्या सहूलियत देते हैं?
भूलना नहीं चाहिए कि हार्दिक पंड्या ने एक साल से ज्यादा समय तक टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी की है. 2023 वर्ल्ड कप में रोहित की कप्तानी में भारतीय टीम अगर धमाकेदार अंदाज में फाइनल तक नहीं पहुंचती तो शायद हार्दिक पंड्या ही टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कमान संभाल रहे होते. लेकिन वहां दो पेंच फंसे, एक तो रोहित ने फाइनल मुकाबले में हार से पहले तक करिश्माई प्रदर्शन किया. वो कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में बिल्कुल अलग तेवर में दिखाई दिए. दूसरा टूर्नामेंट के शुरूआती दौर में ही हार्दिक पंड्या को चोट लग गई और भारतीय टीम को उनके बिना ही मैदान में उतरना पड़ा.
मोहम्मद शमी ने हार्दिक पंड्या की जगह ली और शमी ने कहर बरपा दिया. इन बदले हालातों में बड़ा सवाल ये उठा कि हार्दिक पंड्या की फिटनेस हमेशा से चिंता का सबब रही है. कहीं ऐसा ना हो कि टी20 वर्ल्ड के पहले या उसके दौरान पंड्या चोटिल हो जाएं और पूरा का पूरा अभियान ही फ्लॉप हो जाए. सेलेक्शन कमेटी को यहां यू-टर्न लेना पड़ा. उन्हें वापस रोहित शर्मा पर आना पड़ा. जो एक साल से टी20 फॉर्मेट खेल ही नहीं रहे थे. इस बीच अगर मुंबई की फ्रेंचाईजी ने हार्दिक पंड्या को कप्तानी सौंपने का फैसला किया तो उसमें हार्दिक क्या करेंगे? उन्हें बेवजह क्रिकेट फैंस की नाराजगी का शिकार होना पड़ा. अपने ही मैदानों में उन्हें फैंस ने ‘हूट’ किया.
इस बात को भी समझना होगा कि हार्दिक पंड्या अगर बहुत खराब कप्तान होते तो गुजरात की टीम को उनकी कमी ना खलती. जबकि पहले सीजन की चैंपियन और दूसरे सीजन की रनर-अप गुजरात की टीम भी हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में संघर्ष कर रही है. गुजरात की हालत तो और ज्यादा खराब है. वो प्वाइंट टेबल में फिलहाल आखिरी पायदान पर है. सच्चाई ये है कि आज रोहित शर्मा अगर चार स्पिनर्स के साथ टी20 वर्ल्ड कप में जा रहे हैं तो उसके पीछे भी हार्दिक पंड्या का टीम में होना है. कप्तान रोहित शर्मा भी जानते हैं कि वो ज्यादा स्पिनर तभी खिला पाएंगे जब हार्दिक पंड्या को वो तीसरे सीमर के तौर पर इस्तेमाल करें. अगर हार्दिक पंड्या को लेकर किसी के मन में कोई नाराजगी है तो उसे भी दूर कर लेना चाहिए. वर्ल्ड कप में ज्यादा वक्त नहीं बचा है.