नौकरी डॉट कॉम में रिज्यूमे अपलोड किया, अगले दिन फोन आया रायपुर एयरपोर्ट में नौकरी मिलेगी, फिर 9.26 लाख की ठगी
रायपुर एयरपोर्ट में नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनी युवती की प्रतीकात्मक तस्वीर। – एआईHighLights
- एयरपोर्ट में फार्मासिस्ट नौकरी का झांसा देकर ठगी
- मां के गहने गिरवी रखकर दिए पैसे युवती
- राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज
, रायपुर। राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर फार्मासिस्ट के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवती के साथ 9.26 हजार रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को हैदराबाद एयरपोर्ट हेल्थ आर्गेनाइजेशन का सदस्य बताकर युवती को अपने जाल में फंसाया और रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू तथा चयन प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किस्तों में मोटी रकम ऐंठ ली।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता गीतांजली साहू ने इसी साल 24 अगस्त को ‘नौकरी डाॅट काॅम’ एप पर अपना रिज्यूमे अपलोड किया था। इसके बाद 25 अगस्त को उनके पास एक अनजान व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को हैदराबाद एयरपोर्ट हेल्थ आर्गेनाइजेशन का अधिकृत सदस्य बताया और रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में फार्मासिस्ट की नौकरी दिलाने का प्रस्ताव रखा। युवती को भरोसे में लेने के लिए तीन चरणों में इंटरव्यू होने की बात कही गई।
मां के गहने गिरवी रखकर और बैंक खातों से भेजी रकम
रजिस्ट्रेशन के बाद ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्यू का नाटक किया गया। इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर पैसे भेजने के निर्देश दिए। लगातार बढ़ रही पैसों की मांग को पूरा करने के लिए युवती ने अपनी बचत के साथ-साथ अपनी मां के गहने तक गिरवी रख दिए। 25 से 28 अक्टूबर के बीच छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक से पांच लाख सैंतालीस हजार पांच सौ रुपये, बैंक आफ बड़ौदा से एक लाख बाइस हजार पांच सौ रुपये और एचडीएफसी बैंक से दो लाख छप्पन हजार पांच सौ रुपये विभिन्न खातों में जमा कराए गए। इस प्रकार कुल नौ लाख छब्बीस हजार पांच सौ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
ठगी का अहसास होने पर 1930 पर की शिकायत
अट्ठाईस अक्टूबर को जब ठगों द्वारा फिर से पैसों की मांग की गई, तब युवती को शक हुआ। उसने संबंधित व्यक्ति से उसका कार्यालयीन पता और अन्य जानकारियां मांगी, जिस पर वह व्यक्ति टालमटोल करने लगा। इसके बाद युवती को अपने साथ हुई बड़ी ठगी का अहसास हुआ। घबराने के बजाय पीड़िता ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और बैंक खातों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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