थर्ड पार्टी पर शिफ्ट कर सकता है पेटीएम, कुछ ऐसी चल रही है…- भारत संपर्क

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थर्ड पार्टी पर शिफ्ट कर सकता है पेटीएम, कुछ ऐसी चल रही है…- भारत संपर्क
थर्ड पार्टी पर शिफ्ट कर सकता है पेटीएम, कुछ ऐसी चल रही है प्लानिंग

पेटीएम का संकट अभी टला नहीं

पेटीएम कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस थर्ड पार्टी पर शिफ्ट कर सकता है. ताकि पेटीएम पर उसके यूजर्स को यूपीआई सर्विस मिलती रहे. मीडिया रिपोर्ट में एक जानकार ने कहा कि कंपनी की नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ इस पर चर्चा शुरू हो गई है. जानकारों की मानें तो पेटीएम का टारगेट अगले महीने से अपने कस्टमर्स को तीन या उससे ज्यादा बैंकों के वीपीए जारी करेगा. आरबीआई ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 29 फरवरी के बाद से कई तरह की पाबंदी लगा है. जिसकी वजह से यूपीआई सर्विस पर तलवार अटक गई है. जिसकी वजह से पेटीएम ये तमाम कवायद करने में जुट गया है.

फिर हो सकता है केवाईसी

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार मर्चेंट पेमेंट के लिए, प्रोसेस थोड़ा जटिल हो सकता है – बैंक नए सिरे से अपने कस्टमर्स को (केवाईसी) वेरिफिकेशन के लिए बोल सकते हैं. लेकिन यूपीआई के लिए पेटीएम का यूज करने वाले यूजर्स के लिए, सर्विस बैकएंड में वीपीए बरलने के साथ जारी रह सकती है. जानकारों की मानें तो चूंकि पेटीएम पेमेंट्स बैंक पेमेंट सर्विस देना बंद कर देगा, इसलिए पेटीएम ऐप आगे चलकर एक थर्ड पार्टी ऐप बन जाएगा, जो दूसरे लेंडर्स के माध्यम से यूपीआई को इंटीग्रेटिड करेगा.

पेटीएम से कैसे होगा पेमेंट

इसके बाद पेटीएम भी PhonePe, Google Pay, Amazon Pay और दूसरी कंपनियों में शामिल हो जाएगा. यूपीआई पर 22 थर्ड पार्टी ऐप्स काम कर रहे हैं. एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक जैसे बैंक टीपीएपी रूट के माध्यम से कई फिनटेक का स्पोर्ट करते हैं. आमतौर पर, बैंक और फिनटेक ऐसे अड्रेस कास यूज करते हैं जो उनके दोनों ब्रांड नामों का मिश्रण होते हैं. उदाहरण के लिए, Google बैंक नाम के प्रिफिक्स के में ‘ok’ का उपयोग करता है, जो ‘OkGoogle’ फ्रेज से लिया गया है. यस बैंक ने फोनपे को ‘ybl’ नामूू का VPA यूज करने के लिए दिया है.

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रेगूलेटर जारी करेगा एफएक्यू

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पेटीएम मर्चेंट्स नोडल अकाउंट्स को दूसरे लेंडर्स को ट्रांसफर करने के लिए भी बातचीत कर रहा है. जानकारों के अनुसार यह तभी होगा जब रेगूलेटर इस मामले पर डिटेल में एफएक्यू जारी करेगा, जैसा कि आरबीआई गवर्नर ने गुरुवार को कहा था. एनपीसीआई और पेटीएम की ओर से अभी इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. एक व्यक्ति ने कहा, ‘अब जब रेगूलेटर ने कहा है कि वह एफएक्यू लाएगा, तो हम उसका इंतजार करेंगे. एक बार संदेह स्पष्ट हो जाने पर, हम सर्विस के इंटीग्रेट हो सकेंगे और बिजनेस जारी रख सकेंगे. इससे पहले मीडिया में खबर आई थी कि नए बैंक जो पेटीएम पेमेंट्स बैंक के सेटलमेंट बिजनेस को संभालेंगे, वे मर्चेंट बेस के नए केवाईसी की मांग कर सकते हैं.

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