रायपुर में नल कनेक्शन कटा, बकाया भी चुकाया, फिर भेज दिया ₹1.96 लाख का बिल; RDA पर उपभोक्ता आयोग ने लगाया जुर्माना

रायपुर में उपभोक्ता आयोग ने वसूली नोटिस निरस्त कर लगाया जुर्माना
HighLights
- उस समय बकाया राशि का पूरा भुगतान किया गया
- 2024 में फिर 1,96,456 रुपये का नोटिस भेजा गया
- उपभोक्ता आयोग ने RDA की कार्रवाई को मनमानी माना
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। नल कनेक्शन कटने और पुरानी बकाया राशि का पूरा भुगतान होने के बाद भी उपभोक्ता को 1,96,456 रुपये का जल शुल्क और सरचार्ज वसूली नोटिस भेजना रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अतिरिक्त खंडपीठ रायपुर ने आरडीए की कार्रवाई को सेवा में कमी और मनमानी माना है।
आयोग ने निरस्त किया वसूली ज्ञापन
आयोग ने आरडीए की ओर से जारी 1,96,456 रुपये के वसूली ज्ञापन को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये 45 दिन के भीतर देने का आदेश दिया गया है। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य डा. आनंद वर्गीस की पीठ ने सुनाया।
2021 में कट चुका था नल कनेक्शन
न्यू शांति नगर निवासी डॉ. सौम्य पाण्डेय ने बताया कि उनकी माता स्वर्गीय सुनीता पाण्डेय ने वर्ष 2010 में आरडीए की रावाभांठा योजना में 30 वर्ष के पट्टे पर भूखंड लिया था। प्लाट पर लगे नल में पानी नहीं आता था। शिकायत के बाद कनेक्शन काटने के लिए आवेदन किया गया।
आरडीए ने 17 मार्च 2021 को नल कनेक्शन काट दिया। इसके लिए 1,100 रुपये शुल्क भी जमा कराया गया। साथ ही उस समय की बकाया राशि का पूरा भुगतान कर दिया गया था।
तीन साल बाद भेजा 1.96 लाख का नोटिस
कनेक्शन कटने के बावजूद आरडीए ने 5 नवंबर 2024 को स्वर्गीय सुनीता पाण्डेय के नाम से 1,96,456 रुपये जल शुल्क और सरचार्ज का वसूली नोटिस जारी कर दिया। इससे परेशान होकर परिवादी ने अधिवक्ता आर. के. भावनानी के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
नोटिस जारी होने के बाद भी आयोग के समक्ष आरडीए की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने आरडीए की कार्रवाई को सेवा में कमी और मनमानी मानते हुए वसूली ज्ञापन रद्द कर दिया तथा 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में भुगतान का आदेश दिया।