रायपुर स्टेशन पर चोरों का आतंक, 55 पुराने कैमरे बेअसर, 50 हाईटेक AI कैमरों का टेंडर फाइल में अटका
रायपुर स्टेशन पर चोरों का आतंक। ()HighLights
- स्टेशन के खुले रास्तों से अनधिकृत प्रवेश और चोरियां बढ़ीं।
- स्टेशन की सुरक्षा 55 पुराने और धुंधले कैमरों के भरोसे।
- 50 हाईटेक AI कैमरों का टेंडर प्रक्रिया में उलझा।
, रायपुर। रेलवे स्टेशन रायपुर में रिडेवलपमेंट कार्य के बीच खुले रास्ते बढ़ गए हैं। इसकी वजह से रात में बड़ी संख्या में अनधिकृत लोग प्रवेश कर प्लेटफार्म पर रात गुजार रहे हैं। ये संदिग्ध चेहरे रात में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इनकी निगरानी के लिए पर्याप्त कैमरे नहीं होने की वजह से रात में गश्त करने वाली एजेंसियों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं फुटेज से आरोपितों की पहचान करने में परेशानी हो रही है।
स्टेशन में रात में 11 बजे के बाद चोरी-मारपीट की रातभर शिकायत रहती है। कुछ शिकायतें रेल पुलिस तक पहुंचती हैं तो कुछ वहीं खत्म हो जाती हैं। इन संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए पर्याप्त कैमरे नहीं होने की वजह से विवेचना में बाधा आ रही है। इस बीच स्टेशन की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित 50 हाईटेक एआई कैमरों के टेंडर में देरी हो रही है।
चोरियों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में चोरी के 154 मामले दर्ज किए गए थे। 2025 में 158 मामले सामने आए थे, जो 2026 में अब तक 160 तक पहुंच गए हैं। सुरक्षा मजबूत करने के लिए 50 एआइ-युक्त हाईटेक कैमरे लगाए जाने हैं, जो भीड़ नियंत्रण और लावारिस सामान की दो घंटे में पहचान करने में सक्षम होंगे।
55 पुराने कैमरों के भरोसे सुरक्षा
वर्तमान में पूरे रायपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा करीब 55 पुराने सीसीटीवी कैमरों पर टिका है। तकनीक के लिहाज से काफी पुराने हो चुके ये कैमरे इतने धुंधले और कम रिजाल्यूशन वाले हैं कि फुटेज में संदिग्धों के चेहरे साफ नजर ही नहीं आते। रेल पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद जब फुटेज खंगाले जाते हैं, तो आरोपितों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया और विवेचना में भारी बाधा आती है।
50 हाईटेक एआइ कैमरों की टेंडर प्रक्रिया उलझी
इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए स्टेशन पर 50 नए आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस हाईटेक कैमरे लगाए जाने की योजना है। इन कैमरों के लग जाने से स्टेशन पर कैमरों की कुल संख्या 55 से बढ़कर 105 हो जाएगी। ये एआइ कैमरे न केवल भीड़ नियंत्रण में मददगार होंगे, बल्कि किसी भी लावारिस सामान की दो घंटे के भीतर सटीक पहचान करने और संदिग्ध चेहरों को ट्रैक करने में सक्षम हैं। हालांकि प्रशासनिक सुस्ती और पहले टेंडर में अनुमानित बजट से अधिक दरें आने के कारण यह महत्वपूर्ण योजना टेंडर प्रक्रिया में ही उलझकर रह गई है।
अनधिकृत प्रवेश बढ़ा, प्लेटफार्म से लेकर वेटिंग हाल पर कब्जा
स्टेशन में रिडेवलपमेंट कार्य के चलते कई रास्ते बढ़ खुले रास्तों से अनधिकृत व संदिग्ध चेहरों का प्रवेश बढ़ गया है, जो रातभर उत्पात मचा रहे हैं। जांच एजेंसियां रात्रि गश्त करती हैं, लेकिन इनके गुजरने के बाद शरारती तत्व सक्रिय हो जा रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों में इनकी संलिप्तता हो सकती है।
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वर्जन
पहले टेंडर में बजट से अधिक दरें आने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी, जिसे संशोधित कर दोबारा जारी किया गया है। वर्क आर्डर मिलने के बाद मुख्य प्रवेश द्वारों, प्लेटफार्म और प्रतीक्षालयों में नए कैमरे लगाए जाएंगे।
रमन कुमार, सीनियर डीएससी
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