बस्तर के नगरनार प्लांट का रिकार्ड प्रदर्शन, एक दिन में 455 क्वाइल का उत्पादन, 13 लाख टन है क्षमता
नगरनार स्टील प्लांट में उत्पादित क्वाइल। – प्रबंधनHighLights
- नगरनार स्टील प्लांट ने बनाया नया रिकार्ड
- एक दिन में 455 क्वाइल बनकर हुए तैयार
- रेलमार्ग बहाल होने से बढ़ी उत्पादन की गति
, जगदलपुर। बस्तर के औद्योगिक नक्शे पर नगरनार स्टील प्लांट ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर एनएमडीसी स्टील लिमिटेड की ओर से स्थापित तीन मिलियन टन सालाना उत्पादन क्षमता के नगरनार प्लांट ने तीन नवंबर 2026 को एक ही दिन में 455 हाट रोल्ड क्वाइल इल का उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
यह प्लांट की स्थापना से लेकर अब तक का एक दिन का सर्वाधिक उत्पादन है। इस उपलब्धि पर स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा है कि 24 घंटे में 455 काइल तैयार करना हाट स्ट्रिप मिल की तकनीकी उत्कृष्टता और कर्मचारियों की मेहनत, अनुशासन और टीम भावना का जीवंत प्रमाण है।
इसी महीने टूटा था पहले का रिकार्ड
इसी महीने की पहली तारीख को प्लांट में 440 एचआर क्वाइल का उत्पादन हुआ था, जिसे उस समय तक का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा माना जा रहा था। लेकिन मात्र दो दिन के भीतर कर्मचारियों ने अपना ही रिकार्ड तोड़कर साबित कर दिया।
25 सितंबर से 25 दिन बंद रहीं मालगाड़ियां
25 सितंबर 2026 से लगभग 25 दिनाें तक किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन के कोरापुट रेलखंड में पटरियां क्षतिग्रस्त होने से रेल आवागमन बाधित था। इसका असर पर स्टील प्लांट के कोयला की आपूर्ति पर पड़ा था। इसके कारण स्टील प्लांट में उत्पादन घटाना पड़ा था। रेलमार्ग बहाल होने के बाद माल की आपूर्ति और निर्यात में तेजी आ गई है। उत्पादन भी पूरी क्षमता से किया जाने लगा है। ब
अगस्त 2023 में शुरू हुआ था
ता दें कि अत्याधुनिक तकनीकी वाले इस संयंत्र की कमीशनिंग अगस्त 2023 में की गई थी। तीन साल में ही संयंत्र सालाना उत्पादन क्षमता के नजदीक पहुंच रहा है। यही नहीं संयंत्र ने गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में लाभ अर्जित करना भी शुरू कर दिया था।
स्टील उत्पादकों में मजबूत पहचान बनी
एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के महाप्रबंधक एवं संचार प्रमुख रफीक अहमद जिनाबड़े ने स्टील उत्पादन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह सफलता अचानक नहीं मिली है। वर्ष 2025-26 में नगरनार स्टील प्लांट ने कुल 23,24,902 टन का उत्पादन किया था, जो पिछले वर्ष के 14,38,646 टन के मुकाबले करीब 63 प्रतिशत अधिक है। इस तेज रफ्तार ने ही आज के रिकार्ड की नींव रखी है।
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