नईदुनिया प्रतिनिधि, जगदलपुर। बीते चार दिनों से बस्तर अंचल में हो रही भारी वर्षा से इंद्रावती, चेरपाल सहित कई नदी-नालों में मंगलवार को भी बाढ़ की स्थिति बनी रही। जगदलपुर में इंद्रावती नदी पुराने पुल पर खतरे के निशान (8.300 मीटर) से ऊपर बह रही है।
जलस्तर बढ़ने से गोरियाबहार नाला उफान पर है। लालबाग-हाटगुड़ा-नगरनार मार्ग का पुल गणपति रिसार्ट के पास सोमवार से डूबा है। क्षेत्र में करीब 200 एकड़ फसल डूब गई है।
200 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा
बीजापुर में चेरपाल नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इससे 200 से अधिक गांवों का ब्लॉक व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। अबूझमाड़ में भी 35 से अधिक गांव बाढ़ से घिरे हैं। वहीं कोरबा में टापू पर 15 घंटे फंसे रहे तीन युवक सुरक्षित निकाले गए।
देवपहरी जलप्रपात में सोमवार को पिकनिक मनाने पहुंचे तीन युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से टापू पर बने एक हट में फंस गए थे। चारों ओर तेज बहती जलधारा के बीच तीनों युवक पूरी रात वहां फंसे रहे। करीब 15 घंटे तक पानी से घिरे रहने के बाद मंगलवार सुबह तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बांगों बांध में भी क्षमता का 91 प्रतिशत जलभराव हो गया है
प्रदेश में अच्छी बारिश का असर अब बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। बिलासपुर का खारंग, महासमुंद का कोडार और मुंगेली का मनियारी बांध पूरी तरह से लबालब हो गया है। वहीं, कोरबा जिले के बांगों बांध में भी क्षमता का 91 प्रतिशत जलभराव हो गया है।
इन बांधों में क्षमता का 99 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो चुका है
मध्यम बांधों में रायगढ़ का पुटका नाला, कोरिया का झुमका, राजनांदगांव का मटियामोती, बिलासपुर का गोहना भी लबालब हो चुका है। वहीं, बस्तर का कोस्टर्ड, बलौदाबाजार का बल्लार, रायगढ़ का केदार नाला भी छलकने के करीब पहुंच चुके हैं। इन बांधों में क्षमता का 99 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो चुका है।
46 बांधों में जलभराव का स्तर 85.97 प्रतिशत पहुंच गया है
कई जिलों में बांधों से जल छोड़ने की स्थिति बन चुकी है। राज्य के 46 बांधों में जलभराव का स्तर 85.97 प्रतिशत पहुंच गया है। इनमें 12 बड़े और 34 मध्यम बांध शामिल हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
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