
हाई कोर्ट ने छह अगस्त का आदेश रद कर विभाग को नया आदेश जारी करने दी अनुमति (फाइल फोटो)
HighLights
- हाई कोर्ट ने स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया
- शासन ने प्रशासनिक भूल की बात स्वीकार की
- विभाग नए स्थानांतरण आदेश जारी कर सकता है
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक प्रधानाध्यापक का तबादला उन्हें गलती से सहायक शिक्षक मानकर किए जाने के मामले में स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया है। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने स्वीकार किया कि प्रशासनिक भूल के कारण प्रधानाध्यापक दूज बाई कंवर को सहायक शिक्षक मानते हुए तबादला आदेश जारी किया गया था। इस स्वीकारोक्ति के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता की सीमा तक आदेश रद कर दिया।
छह अगस्त को जारी हुआ था आदेश
न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकलपीठ ने दूज बाई कंवर बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य मामले में 21 अगस्त 2026 को आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता दूज बाई कंवर शासकीय प्राथमिक स्कूल, बिछपारा परखंडा, ब्लाक कुरूद, जिला धमतरी में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
विभाग ने छह अगस्त 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश में उनका तबादला शासकीय प्राथमिक स्कूल, लाडेर, ब्लाक मगरलोड, जिला धमतरी कर दिया था।
तबादला आदेश में पद ही गलत
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर स्थानांतरण आदेश को चुनौती दी। उनका कहना था कि आदेश में उन्हें सहायक शिक्षक के रूप में दर्शाया गया है, जबकि वे प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिस शासकीय प्राथमिक स्कूल, लाडेर में उनका तबादला किया गया है, वहां पहले से ही एक प्रधानाध्यापक पदस्थ है। ऐसे में वहां उनके पद के अनुरूप कोई रिक्ति भी उपलब्ध नहीं थी।
कोर्ट ने नए आदेश की दी अनुमति
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से उपस्थित शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि प्रशासनिक भूल के चलते दूज बाई कंवर को सहायक शिक्षक मान लिया गया था।
हाई कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता की वास्तविक पदस्थिति पर उचित विचार किए बिना स्थानांतरण आदेश जारी किया गया। कोर्ट ने छह अगस्त 2026 के तबादला आदेश को याचिकाकर्ता की सीमा तक निरस्त कर दिया। विभाग को नियमों के अनुसार नया स्थानांतरण आदेश जारी करने की अनुमति दी गई।