रायपुर: 3400 करोड़ के शराब घोटाले में एक और आरोप पत्र दाखिल, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल तक 52 करोड़ रुपये पहुंचने का दावा
कांग्रेस नेता के खिलाफ ईडी ने दाखिल किया एक और आरोप पत्र, फाइल फोटोHighLights
- शराब घोटाले में एक और आरोप पत्र दाखिल
- कांग्रेस नेता के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र
- रामगोपाल यादव तक पहुंचे 52 करोड़ रुपये
राज्य ब्यूरो, , रायपुर। राज्य के करीब 3,400 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ एक और आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें दावा किया गया है कि शराब घोटाले के मुख्य आरोपित अनवर ढेबर के सहयोगी दीपेन चावड़ा के माध्यम से करीब 52 करोड़ रुपये रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाएं गए थे।
ईडी ने आरोप पत्र में दीपेन चावड़ा और निखिल चंद्राकर के बयानों का हवाला देते हुए कथित लेनदेन का विवरण दिया है। मामले में अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
नकदी पहुंचाने की बताई गई पूरी कड़ी
ईडी के अनुसार, अनवर ढेबर का सहयोगी दीपेन चावड़ा नकदी लेकर अग्रवाल के करीबी व कांग्रेस भवन के कर्मी देवेंद्र डड़सेना तक पहुंचाता था। इसके बाद देवेंद्र के माध्यम से कथित तौर पर रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र में इस लेनदेन की कड़ी का उल्लेख किया है।
हालांकि, ये आरोप हैं, जिन पर न्यायालय में सुनवाई होनी है। शराब घोटाले के अलावा ईडी कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले में भी रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ कर चुकी है। इन मामलों में उनकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है।
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कस्टम मिलिंग घोटाले में भी आरोपित
करीब 127 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग घोटाले में भी रामगोपाल अग्रवाल को आरोपित बनाया गया है। इस मामले में राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित अन्य राइस मिलरों ने अपने बयानों में प्रति क्विंटल 20 रुपये दिए जाने की बात कही है।
जांच एजेंसी इस कथित लेनदेन और प्रोत्साहन राशि में वृद्धि से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। बता दे कि, इसी प्रकरण में राम गोपाल को ईडी ने गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए पांच दिन (13 अक्टूबर) तक रिमांड पर लिया है।
खाद्य विभाग से मिले 356 पेज के दस्तावेज
कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए ईडी ने राज्य सरकार से विवरण मांगा था। इसके जवाब में खाद्य विभाग ने 356 पेज की जानकारी उपलब्ध कराई है। जांच एजेंसी इस दस्तावेजी जानकारी के आधार पर प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की जांच कर रही है।
शराब, कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों में जांच आगे बढ़ने के साथ रामगोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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