
बिलासपुर. शहर में मौसम के अचानक करवट लेने और हवा में नमी बढ़ने के कारण मौसमी बीमारियों का हमला तेज हो गया है. इन दिनों बिलासपुर में आक्रामक वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे लगभग हर पांचवां व्यक्ति प्रभावित नजर आ रहा है. छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SIMS) समेत शहर के प्रमुख निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 2,000 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से 20 से 25 फीसदी लोग सर्दी, खांसी, छींक और गले में खराश जैसी समस्याओं से ग्रस्त हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार का वायरस पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा असरदार है. राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीजों को तेज बुखार नहीं आ रहा, लेकिन नाक बहना, बदन दर्द, अत्यधिक थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं उन्हें हफ्ते-दो हफ्ते तक परेशान कर रही हैं. सामान्यतः 3 से 5 दिन में ठीक होने वाला यह संक्रमण इस बार पूरी तरह ठीक होने में 10 से 15 दिन का समय ले रहा है.
डॉक्टरों की सलाह और बचाव के उपाय
SIMS के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. लखन सिंह के अनुसार, इस संक्रमण से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. उन्होंने आम जनता के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए हैं:
मास्क का प्रयोग करें: भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें.
हाथों की स्वच्छता: बार-बार साबुन से हाथ धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें. गंदे हाथों से मुंह, नाक या आंख को न छुएं.
खान-पान पर ध्यान दें: ठंडी चीजों, आइसक्रीम और बासी या खुले भोजन से परहेज करें. रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने के लिए हरी सब्जियां और ताजे फल खाएं.
पर्याप्त आराम: शरीर को उबरने के लिए कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद और भरपूर आराम जरूरी है.
खुद से दवा न लें: बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से मनमर्जी से एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं खाने से बचें. लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं.
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