
भिलाई. छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक प्रिंटिंग व्यवसाय से जुड़ी बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. सुपेला थाना क्षेत्र में संचालित एक प्रिंटिंग दुकान के कर्मचारी पर ग्राहकों से भुगतान के नाम पर 22 लाख 24 हजार रुपये वसूलने और पूरी रकम दुकान के खाते में जमा नहीं करने का आरोप है. शिकायत के अनुसार, कर्मचारी ने ग्राहकों से UPI और नकद के जरिए पैसे लिए और उन्हें कथित तौर पर अपने निजी बैंक खाते में जमा कर लिया. ग्राहकों से बकाया भुगतान की जानकारी मिलने के बाद दुकान संचालक को इस गड़बड़ी का पता चला.
पांच साल से दुकान में संभाल रहा था ऑर्डर और कैशियर का काम
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, सेक्टर-2 भिलाई निवासी अभिषेक पांडेय का चंद्रा-मौर्या चौक के पास रिलायंस मार्ट के सामने साई प्रिंट साइनेट प्राइवेट लिमिटेड और श्री साई प्लास्टिक नाम से कारोबार है. यहां कैंप-1 निवासी अभय सिंह वर्ष 2021 से काम कर रहा था.
कर्मचारी को ग्राहकों से ऑर्डर लेने के साथ कैशियर की जिम्मेदारी भी दी गई थी. दुकान के व्यावसायिक कामकाज के लिए संचालक ने उसे एक मोबाइल सिम भी उपलब्ध कराया था.
ग्राहक के खुलासे से सामने आई भुगतान में गड़बड़ी
मामले का खुलासा अक्टूबर 2025 में हुआ, जब सेक्टर-6 निवासी ग्राहक हर्ष सिन्हा दुकान पहुंचे. बातचीत के दौरान संचालक ने उनसे पुराने भुगतान की बकाया राशि जमा करने को कहा. इस पर ग्राहक ने बताया कि वह पूरी रकम पहले ही कर्मचारी अभय सिंह को दे चुके हैं.
ग्राहक की बात सुनकर दुकान संचालक को संदेह हुआ. जब उन्होंने कर्मचारी से इस बारे में जवाब मांगा तो वह घबरा गया. इसके बाद उसके मोबाइल और भुगतान से संबंधित जानकारियों की जांच की गई. आरोप है कि जांच में कई ऐसे लेनदेन सामने आए, जिनमें ग्राहकों से पैसे लेने के बाद भी रकम दुकान के खाते में जमा नहीं की गई थी.
स्कूलों और कारोबारियों से भी लिया गया भुगतान
दुकान संचालक ने अन्य ग्राहकों से संपर्क कर भुगतान का मिलान किया. इस दौरान केमरीज स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल राजनांदगांव, शुभम मेटल, देवांगन फ्लावर, मोहित मोबाइल, सफायर सैलून, राजेश टेंट, स्टार मैरिज पैलेस और योगेश कॉमर्स क्लासेस सहित कई ग्राहकों के नाम सामने आए.
शिकायत में अलग-अलग ग्राहकों से ऑनलाइन और नकद माध्यम से लाखों रुपये प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है. सभी भुगतानों का दुकान के रिकॉर्ड से मिलान करने पर कुल 22 लाख 24 हजार रुपये की कथित हेराफेरी की बात सामने आई.
वीजी ग्राफिक्स के नाम से बिल देने का भी आरोप
शिकायत के अनुसार, कर्मचारी ग्राहकों से भुगतान लेने के बाद उन्हें वीजी ग्राफिक्स के नाम से बिल बनाकर देता था. आरोप है कि इन बिलों का इस्तेमाल वास्तविक भुगतान की जानकारी छिपाने और ग्राहकों के बीच किसी तरह का संदेह पैदा नहीं होने देने के लिए किया गया.
पूरे मामले के सामने आने के बाद दुकान संचालक अभिषेक पांडेय ने सुपेला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और अभय सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
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